'छोटा नाम पर बड़े काम', मेरठ कॉलेज के पूरे हुए 129 साल, गौरवपूर्ण रहा है इतिहास

By राजीव शर्मा | Jul 16, 2021

मेरठ। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व उप राष्ट्रपति हिदायतुल्ला, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, पूर्व वित्त व शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश कैलाश प्रकाश, राज्यपाल सत्यपाल मलिक, जनरल विपिन रावत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, फिल्म अभिनेता भारत भूषण, फिल्म एक्टर शेखर, बशीर बद्र। यह वो नाम है जिन्हें पहचान की आवश्यकता नहीं है जिनके नाम का डंका देश में ही नहीं विदेशों में भी बजता है यह सभी मेरठ कॉलेज की देन है। 

मेरठ विश्वविद्यालय जिसे अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय नाम से जाना जाने लगा है के बनने से पहले मेरठ कालेज कलकत्ता विश्वविद्यालय फिर आगरा विश्वविद्यालय से जुड़ा रहा। कालेज के पहले भारतीय प्रिंसिपल बीआर चटर्जी थे। अंग्रेजी राज में मेरठ कालेज को मान्यता इस शर्त पर मिली थी कि पहला प्रिंसिपल अंग्रेज होगा। 1942 में कर्नल आडोनल को आयरलैंड से बुलाया गया था। उनके समय में पुलिस उनके इजाजत के बगैर अंदर प्रवेश नहीं कर पाती थी।

मेरठ कॉलेज उत्तर भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है। 1892 में स्थापित मेरठ कॉलेज ने देश को कई मशहूर हस्तियां दीं हैं। हर साल हजारों छात्र इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश के लिए प्रयास करते हैं। लगभग सभी प्रकार के खेलों के लिए कॉलेज में अलग-अलग मैदान के साथ लगभग 100 एकड़ से भी ज्यादा जमीन में फैला कैंपस है। कॉलेज के 129 साल के इस लंबे सफर में इस कॉलेज ने प्रधानमंत्री से लेकर चीफ जस्टिस तक कई व‌र्ल्ड फेम हस्तियां देश को दी। मेरठ कॉलेज ने ब्रिटिश शासन काल से लेकर वर्तमान तक शहर के कई उतार चढ़ाव देखे है। 

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आपको बता दें की100 से ज्यादा कोर्स को संचालित करने वाला वेस्ट यूपी का पहला कॉलेज था जिससे कॉलेज में 300 से ज्यादा कमरे हैं और शहर में कॉलेज के पांच हॉस्टल भी हैं।कॉलेज में टीचिंग और नॉन टीचिंग मिलाकर करीब 200 लोगों का स्टॉफ है।1971भारत पाक युद्ध में कहर बरपाने वाला विजयंत टैंक आज मेरठ कालेज की शोभा बना हुआ है। कालेज के रक्षा अध्ययन विभाग से जनरल बिपिन रावत पीएचडी कर चुके हैं। सेना के दो दर्जन से अधिक अधिकारी यहां से शोध कर चुके हैं,कुछ कर रहे हैं।

मेरठ कॉलेज के प्राचार्य डा. युद्धवीर सिंह ने बताया कि छात्रों को शिक्षा के साथ रोजगार मिले, इसकी कोशिश की जा रही है। छात्रों के कौशल को बढ़ाने के लिए इंडस्ट्रीज से भी करार किया जा रहा है। 129 साल स्थापना के होना गौरव की बात है। करोना काल होने के साथ-साथ मेरठ कॉलेज में इस समय परीक्षाएं चल रहीं हैं। इसलिए कॉलेज में कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।

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