मेघालय के सासंद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीमा विवाद के समाधान का आग्रह किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 30, 2021

शिलांग। पूर्वोत्तर में सीमा विवादों पर बढ़े तनाव के बीच, मेघालय के लोकसभा सांसद विंसेंट एच पाला ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि अंतरराज्यीय सीमा संघर्ष की घटनाएं न केवल बढ़ रही हैं, बल्कि असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के तहत इसने एक आक्रामक रूप ले लिया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर उकसावे की कार्रवाई और ‘‘आक्रामक रुख’’ पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर संबंधों के लिए खतरनाक है।

इसे भी पढ़ें: प्रियंका चतुर्वेदी की सरकार से अपील, कहा- महिलाओं को अपमानित करने वाले ऐप के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें

सांसद ने कहा कि त्रिपुरा और मणिपुर को छोड़कर, पूर्वोत्तर के अन्य सभी राज्यों का असम के साथ सीमा विवाद है। उन्होंने कहा कि इसने पिछले कुछ वर्षों में भूमि, वन संसाधनों के साथ-साथ जातीय संघर्षों को भी जन्म दिया है। इस बीच, नॉर्थ ईस्ट एमपी फोरम, जिसके पाला महासचिव हैं, ने असम और मिजोरम दोनों सरकारों से सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा है। फोरम ने दोनों राज्यों से लंबे समय से लंबित विवाद को सुलझाने के ईमानदार उद्देश्य से साथ आने की अपील की। उसने कहा कि असम-मिजोरम सीमा पर हाल में हुआ घटनाक्रम पूर्वोत्तर के लोगों के लिए बड़े दुख और खेद की बात है।

फोरम के अध्यक्ष किरेन रिजिजू और इसके महासचिव द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘पूर्वोत्तर के संसद सदस्यों की ओर से, हम दोनों पक्षों और सरकारों से सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए सुलह के कदम उठाने की अपील करते हैं।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘दोनों पक्षों की ओर जानमाल का नुकसान दुखद है… और हम प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहते हैं।

प्रमुख खबरें

मिसाइल हमलों से दहला Saudi Arabia! अमेरिका ने जारी किया हाई-सिक्योरिटी रेड अलर्ट, ताइफ़ और यानबू में यात्रा पर लगा बैन

राजस्थान में Ashok Gehlot का BJP पर आरोप, निकाय चुनाव में पुलिस का दुरुपयोग कर रही सरकार

World Alzheimers Day: 21 September को क्यों मनाते हैं यह दिवस, क्या है इसका इतिहास और उद्देश्य

21 September: 1857 की क्रांति के बाद मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar की गिरफ्तारी का ऐतिहासिक दिन