By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 24, 2026
इस समय बुध ग्रह कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं, 26 फरवरी 2026 को बुध ग्रह कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे और 21 मार्च 2026 तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का कारक ग्रह माना गया है। बुध वक्री होने पर व्यक्ति को निर्णय लेने की क्षमता, पढ़ाई, करियर और संचार से जुड़े मामलों में भ्रम या रुकावटें आ सकती हैं। कुछ राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है। आइए आपको बताते है कि किन राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है।
कर्क राशि
बुध की वक्री चाल कर्क राशि के जातकों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है, हर एक काम को ध्यान और सावधानी से करें। आपकी छोटी-सी गलती आलोचना का कारण बन सकती है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है और एकाग्रता कम हो सकती है। इस समय बिना सोचे-समझें कोई बड़ा निर्णय न लें। इसके साथ ही सेहत को नजरअंदाज करना ठीक ही रहेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के जीवन में बदलाव आने के संभव है। कुछ लोगों का ट्रांसफर अनचाही जगह पर हो सकता है। करियर और नौकरी में परिस्थितियां थोड़ी अलग रह सकती है। हालांकि, यह धैर्य और मेहनत से हालात सुधरेंगे। जो लोग विदेश में शिक्षा लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। सेहत के लेकर कोई भी लापरवाही न करें।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में बुध का वक्री होना वाणी से जुड़ी सावधानी की ओर संकेत करता है। इस दौरान बोलचाल में संयम रखना बहुत आवश्यक होगा, क्योंकि असावधानी से कहे गए शब्द कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में विवाद पैदा कर सकते हैं। अपने ही लोग आपसे नाराज़ हो सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलें। पढ़ाई या शिक्षा से संबंधित मामलों में लापरवाही न करें और गलत संगति से दूरी बनाए रखें। साथ ही गले और कान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना जरूरी है।
मीन राशि
मीन राशि के लिए बुध का वक्री होना खर्च और हानि से जुड़े मामलों में सावधानी का संकेत देता है। बिना जांच-पड़ताल किसी भी तरह का निवेश करने से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। संतान की सेहत के कारण आपको चिंता हो सकती है। कुछ लोगों का प्रमोशन या पदोन्नति हो सकती है। जिससे मन निराश हो सकता है। खुद की सेहत पर ध्यान दें।
बुध वक्री के दौरान करें ये उपाय
- भोजन में थोड़ी मात्रा में केसर का सेवन करना बेहद ही शुभ माना जाता है।
- भगवान गणेश जी की नियमित रुप से पूजा और आराधना करें।
- गाय को हरा चार खिलाएं।
- बुध से जुड़े मंत्रों का जप करने से भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
- इन उपायों को श्रद्धा और नियमितता के साथ करने से बुध की वक्री अवस्था के नकारात्मक प्रभाव कम होगा।