By Ankit Jaiswal | Oct 27, 2026
माइक्रोसॉफ्ट अपने कर्मचारियों की संख्या घटाने और खर्च पर नियंत्रण रखने के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में काम करने वाले करीब 60,000 कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब माइक्रोसॉफ्ट एआई से जुड़ी तकनीक और सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर पैसा लगा रही है।
माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि स्वैच्छिक रूप से कंपनी छोड़ने का यह प्रस्ताव बदलाव के प्रति कंपनी के नए तरीके का हिस्सा है। इसका मकसद कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना और उन्हें अपने भविष्य के बारे में फैसला लेने की सुविधा देना है।
गौरतलब है कि इस साल माइक्रोसॉफ्ट की ओर से कर्मचारियों को दिया गया यह दूसरा स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव है। इससे पहले अप्रैल में कंपनी ने अमेरिका में अपने करीब 7% कर्मचारियों को समय से पहले रिटायरमेंट लेने का विकल्प दिया था। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय इस योजना के लिए पात्र कर्मचारियों में से लगभग 30% ने इसे स्वीकार किया था।
मौजूद जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट में जून के अंत तक दुनियाभर में 223,000 कर्मचारी काम कर रहे थे। नियामकीय दस्तावेजों के मुताबिक, 2025 के अंत में यह संख्या 228,000 थी। इस तरह कंपनी के कर्मचारियों की संख्या पहले ही कम हुई है। नई योजना के लिए करीब 27% कर्मचारी पात्र बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 60,000 कर्मचारियों को इससे जुड़ा प्रस्ताव मिल सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला तकनीकी कंपनियों के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की ओर भी इशारा करता है। कंपनियां एआई के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर वे अपने खर्च और कर्मचारियों की संख्या को भी संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, स्वैच्छिक योजना के तहत कितने कर्मचारी कंपनी छोड़ेंगे, यह अभी साफ नहीं है।
बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट इसी सप्ताह अपने तिमाही वित्तीय नतीजे भी जारी करने वाली है। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई, खर्च और एआई पर किए जा रहे निवेश से मिलने वाले लाभ पर बनी हुई हैं।