लेबर फोर्स की कमी, कंपनियों का काम करना हुआ मुश्किल

By निधि अविनाश | Jun 18, 2020

कोरोना महामारी के कारण शहर में रह रहे कई मजदूर अपने गांव लौट गए हैं। मजदूरों की कमी के कारण अब कई कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काम में मुश्किलें आ रही है। कई कपंनियां अब 40-60 फीसदी लेबर फोर्स के साथ ही काम करने को मजबूर हो गई है। बता दे कि लेबर फोर्स की डिमांड बढ़ने से अब मजदूरी भी बढ़ रही है और सप्लाई भी मंहगी होती जा रही है। इसकी वजह से कपंनियों का लागत खर्च भी बढ़ता जा रहा है। लागत बढ़ने से कपंनियों को अपने प्रोडक्ट के दामों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है जिससे मंहगाई बढ़ेगी और सीधा असर आम आदमी के जेब पर पड़ सकता है। 

इसे भी पढ़ें: CM उद्धव की उद्योग जगत से अपील, मेक इन महाराष्ट्र के तहत प्रदेश में कम से कम 1 परियोजना स्थापित करें

एसोचैम की सेक्रेटरी जनरल दीपक सूद के मुताबिक मई महीनें में थोक मंहगाई दर नेगेटिव जोन में पहुंच चुकी थी। इसमें 3.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन मंहगाई दर जल्द ही नेगेटिव जोन से बाहर आ जाएगी। फेडरेशन ऑफ इंडिया माइक्रो एंड स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के मुताबिक मजदूरों की कमी आने से सिर्फ 30 से 40 फीसदी कंपनियां ही काम शुरू कर पाई है। छोटे और ंमझोले कंपनियों के पास कैश तो है लेकिन लेबर फोर्स की भारी कमी है। अब प्रवासी मजदूर कमाने के लिए शहर वापस लौटना चाहते है तो उनको आने की भी सुविधा दी जाए इससे उत्पादन भी  सही तरीके से हो पाएगा और सप्लाई की स्थिति भी बेहतर हो सकती है। 

प्रमुख खबरें

Delhi High Court का बड़ा फैसला, Vinesh Phogat के Asian Games Trials का रास्ता हुआ साफ।

रॉकेट नहीं, Elon Musk का Starlink बना SpaceX का कमाई इंजन, Financial Report में बड़ा खुलासा

अब Consumer को मिलेगा पूरा Fuel! केंद्र ने Petrol, CNG, Hydrogen पंपों की जांच के लिए जारी किए New Guidelines

Bhopal Dowry Case: नम आंखों से Tvisha Sharma को अंतिम विदाई, पिता बोले- न्याय का इंतजार