MT Lyaki Freedom Attack | 'सभी क्रू मेंबर सुरक्षित', ओमान के पास एक और भारतीय जहाज़ पर हमले की खबर गलत, विदेश मंत्रालय का खंडन

By रेनू तिवारी | Jun 13, 2026

ओमान की खाड़ी में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने शनिवार को उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें भारतीय क्रू वाले एक और वाणिज्यिक जहाज़ (Commercial Ship) को निशाना बनाए जाने का दावा किया जा रहा था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ किया है कि जहाज़ पर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं और हमले की खबरें 'गलत' हैं। कई बिना पुष्टि वाली खबरों में दावा किया गया था कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल और केमिकल टैंकर, MT लियाकी फ्रीडम को शुक्रवार रात ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया, जब उसने VHF (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी) पर जवाब देना बंद कर दिया था।

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, "हमने लियाकी फ्रीडम जहाज़ के कैप्टन से बात की है, जिन्होंने पुष्टि की है कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और बताई गई जानकारी गलत है।"

दुनिया भर में नाविकों का प्रतिनिधित्व करने वाले 'फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया' (FSUI) ने भी पहले हमले की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में इसे खारिज कर दिया और कहा कि MT लियाकी फ्रीडम के क्रू ने पुष्टि की है कि टैंकर को निशाना नहीं बनाया गया था।

इसे भी पढ़ें: Indian Vessel Attacked In Gulf | ट्रंप ने ईरान पर भारतीय जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया, तेहरान ने इसे ‘निराधार’ बताया

भारतीय क्रू वाले तीन जहाज़ों पर हमला और नई दिल्ली का कड़ा विरोध

अब तक ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले तीन जहाज़ों को निशाना बनाया गया है। 8 जून को MT मैरिवेक्स को निशाना बनाया गया था। यह पलाऊ के झंडे वाला टैंकर था जिस पर 24 भारतीय क्रू मेंबर थे, जिन्हें ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

10 जून को MT सेटेबेलो को निशाना बनाया गया, जो पलाऊ के झंडे वाला एक और टैंकर था और जिस पर 24 भारतीय क्रू मेंबर थे। इस हमले में तीन नाविकों की मौत हो गई। और 11 जून को MT जलवीर को निशाना बनाया गया, जो गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला टैंकर था और जिस पर 20 भारतीय नाविक थे, लेकिन क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

भारत ने इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और तब से दो बार अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ़ मिशन जेसन मीक्स को तलब किया है। एक बयान में भारत ने कहा है कि ऐसे हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और शिपिंग लेन (जहाज़ों के रास्ते) मुक्त और खुले रहने चाहिए।

विदेश मंत्री (EAM) डॉ. एस. जयशंकर ने भी शुक्रवार देर रात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और हमलों पर विरोध दर्ज कराया। जयशंकर ने शनिवार तड़के 'X' पर कहा, "कमर्शियल शिपिंग के ख़िलाफ़ इस तरह की जानलेवा कार्रवाई सही नहीं है।"

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है, लेकिन तेहरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'पूरी तरह बेबुनियाद' और 'ध्यान भटकाने की कोशिश' बताया है।

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