By अंकित सिंह | Jun 09, 2026
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की सांसद मीसा भारती ने हाल ही में बिहार सरकार द्वारा उनके माता-पिता, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा वापस लेने और उन्हें बेदखली का नोटिस भेजने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इस कदम को बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की एक चाल बताया। पत्रकारों से बात करते हुए भारती ने राज्य सरकार के इस फैसले के पीछे के मकसद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री, मुख्यमंत्री और पहली महिला मुख्यमंत्री रहीं तथा वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी जैसे पदों पर रह चुके लोगों के घर उनसे खाली कराए जा रहे हैं और उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।
यह घटनाक्रम बिहार सरकार के उस आदेश के बाद सामने आया है जिसमें राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने को कहा गया था। यह आवास बाद में बिहार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया। सरकारी नोटिस में बताया गया कि राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता के रूप में हार्डिंग रोड पर वैकल्पिक सरकारी आवास आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक वहां स्थानांतरण नहीं किया था।
शेखपुरा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व अधिकारियों द्वारा सरकारी आवासों को निजी संपत्ति की तरह मानने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आवास जनता का है। इसे किसी की निजी जागीर या पुश्तैनी संपत्ति नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपना कार्यकाल समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर ही सरकारी आवास खाली कर दिया था।
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