By अंकित सिंह | Apr 18, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 की विफलता का जश्न मनाते हुए इसे परिसीमन नामक काले कानून के खिलाफ जीत बताया। उन्होंने विधेयक को हराने में भूमिका निभाने के लिए इंडिया गठबंधन के सांसदों और महिला सांसदों को धन्यवाद दिया। स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार और विपक्षी नेताओं ने लगभग एक साल पहले ही इस मुद्दे का अनुमान लगा लिया था और प्रस्तावित कानून की प्रतियां जलाने सहित विरोध प्रदर्शनों का एक समन्वित अभियान चलाया था, जिससे सार्वजनिक रूप से और संसद के भीतर भी प्रतिरोध पैदा करने में मदद मिली।
उन्होंने तमिलनाडु की जनता, विशेषकर महिलाओं को, इस विधेयक को महिला आरक्षण के बहाने लागू करने के धोखे भरे प्रयास का विरोध करने का श्रेय दिया और विपक्षी दलों के उन सभी सांसदों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने विधेयक का विरोध करने के लिए एकजुट होकर काम किया। स्टालिन ने विधेयक की विफलता को देश को विभाजित करने के प्रयासों पर करारा प्रहार और विपक्षी दलों के बीच बढ़ती एकता का प्रदर्शन बताया। उन्होंने इस घटना को भाजपा की देशव्यापी विफलताओं की महज शुरुआत कहा।
उन्होंने आगे कहा कि 12 वर्षों में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी की सरकार द्वारा लाया गया संवैधानिक संशोधन विधेयक विफल हुआ है। यह तो बस शुरुआत है। यह भाजपा की देशव्यापी विफलताओं की शुरुआत है। यह विपक्षी दलों की एकता की शुरुआत है। मैं लगातार कहता रहा हूं कि अगर हम एकजुट हो जाएं तो जीत निश्चित है। यह वह शुरुआत है जिसने इसे सच साबित कर दिया है।