By रेनू तिवारी | Jun 18, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी दो देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच चुके हैं। स्थानीय समयानुसार बुधवार को फ्रांस के शहर एवियॉन से पेरिस पहुंचने पर प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री का ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक प्रगति और समृद्धि के लिए भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया।
पेरिस, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, “मैं कुछ ही समय पहले पेरिस पहुंचा हूं, जहां प्रवासी भारतीयों ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और फ्रांस को करीब लाने के उनके प्रयासों पर मुझे गर्व है।” उन्होंने कहा, “भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
पेरिस में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ यूरोप के अग्रणी प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष कार्यक्रम ‘वीवाटेक 2026’ में भाग लेंगे और भारतीय समुदाय के साथ संवाद करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वीवाटेक यूरोप का प्रमुख प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम है और इस वर्ष के आयोजन में भारत का राष्ट्रीय मंडप सबसे बड़ा होगा, जो भारतीय और यूरोपीय नवोन्मेष पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सहयोग की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।
फ्रांस की मुख्य भूमि में प्रवासी भारतीय समुदाय की संख्या करीब 1,19,000 है, जबकि फ्रांस के मुख्य भूभाग से बाहर स्थित उसके क्षेत्रों में भारतीय मूल के 3,50,000 से अधिक लोग रहते हैं। पेरिस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जी7’ शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी को “सार्थक” बताते हुए कहा था कि उन्हें शासन और नीति-निर्माण के प्रमुख क्षेत्रों में भारत के दृष्टिकोण और प्रयासों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।