By अभिनय आकाश | Jun 24, 2026
ईरान महीनों से खामोशी में शोक मना रहा था। अब पूरा देश अपने सबसे बड़े नेता को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। तेहरान की सड़कों से लेकर इराक के पवित्र शहरों तक और फिर ईरान के धार्मिक नगर मशहद तक लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है। क्योंकि ईरान विदा देने जा रहा है उस शख्सियत को जिसने तीन दशकों से अधिक समय तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की दिशा तय की। आयतुल्ला अली खामिनई ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर एक ऐसे नेता जिन्हें उनके समर्थक प्रतिरोध का प्रतीक मानते हैं और जिन्हें लाखों लोग इस्लामिक रेवोल्यूशन का चेहरा के रूप में याद करते हैं। ईरानियन अधिकारियों ने खामेनई के अंतिम संस्कार का छह दिनों का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है जो दो देशों के पांच शहरों में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम उनके धार्मिक और राजनैतिक महत्व को दर्शाने वाला माना जा रहा है।
राजनयिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अंतिम संस्कार समारोह 5 से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, नई दिल्ली की ओर से पीएम मोदी को मिले निमंत्रण की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। तीन दशकों तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी, जो तेहरान पर अमेरिका और इज़राइल के बड़े पैमाने पर हवाई हमलों का पहला दिन था। राजनयिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने भारतीय प्रधानमंत्री को अंतिम संस्कार समारोह के लिए आमंत्रित किया है। अंतिम संस्कार समारोह तेहरान और क़ोम में 5, 6 और 7 जुलाई को आयोजित किए जाएंगे। अंतिम समारोह 9 जुलाई को मशहद शहर में होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि अंतिम संस्कार समारोह में लाखों लोग शामिल होंगे। यह उस नेता को औपचारिक विदाई होगी जिन्होंने लगभग चार दशकों तक ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को आकार दिया। मूल रूप से अंतिम संस्कार 4 मार्च से 6 मार्च 2026 के बीच तेहरान और मशहद में होने की उम्मीद थी, लेकिन युद्ध के कारण इसमें देरी हुई।
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