By अभिनय आकाश | Jun 24, 2026
गृह मंत्रालय (MHA) ने गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विदेशी योगदान प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट, 2010' (FCRA) के तहत कई उल्लंघनों के लिए कंपाउंडिंग पेनल्टी (जुर्माने) में बदलाव किया है। मंत्रालय ने सोमवार को इस एक्ट की धारा 41(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये आदेश जारी किए।
सोमवार को जारी एक अलग नोटिफिकेशन में, सरकार ने विदेशी फंड पाने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत, NGOs को 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट, 2010' के तहत अप्लाई करते समय पहले से तय लिस्ट में से अपने मकसद और काम के क्षेत्रों को चुनना होगा। बदले हुए नियमों में कई तरह की धार्मिक गतिविधियों की इजाज़त है, लेकिन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए योग्य कैटेगरी में धर्म परिवर्तन (proselytisation) को साफ़ तौर पर बाहर रखा गया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अगर किसी संस्था के मुख्य पदाधिकारियों में भारतीय मूल के लोगों के अलावा विदेशी नागरिक शामिल हैं, तो एक्ट के तहत विदेशी फंड पाने के लिए रजिस्ट्रेशन या पहले से मंज़ूरी देने के मामले में उन पर "आमतौर पर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि, बदले हुए नियमों में एक अपवाद भी है। इसके तहत केंद्र सरकार एक आदेश के ज़रिए ऐसे खास मामलों या हालात के बारे में बता सकती है, जिनमें विदेशी नागरिकों को उस संस्था के मुख्य पदाधिकारी के तौर पर काम करने की इजाज़त दी जा सकती है जो एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन या पहले से मंज़ूरी चाहती है।