By अभिनय आकाश | Nov 26, 2021
अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के खिलाफ केंद्र सरकार बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों गुटों पर बैन लगाया जा सकता है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर आतंकवाद निरोधी क़ानून यूएपीए के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पूरा मामला टेरर फंडिंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार हुर्रियत के दोनों गुटों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गैरकानूनी संगठन घोषित कर सकती है।
हाल के वर्षों में हुर्रियत नेतृत्व के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तरफ से कई मामले लगाए गए हैं और उसके कई सदस्य विभिन्न मामलों में जेल में हैं। जिसके बाद हुर्रियत कांफ्रेंस की घाटी में उपस्थिति और गतिविधियों में भारी गिरावट देखी गई है। हुर्रियत पर प्रतिबंध से उसकी आतंकी वित्तपोषण योजनाओं और गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से सामुदायिक कार्यक्रमों में लोगों से धन का संग्रह और पाकिस्तान के आईएसआई के कथित निर्देशों के तहत उनका आगे का वितरण आतंक को अंजाम देने के लिए किया जाने की किसी भी संभावना को यूएपीए एक्ट के तहत कार्रवाई से करारा झटका लगेगा।