By अंकित सिंह | May 23, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्वाड की बैठक में शामिल होने के लिए दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने जापान में प्रवासी भारतीयों को संबोधित भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी मैं जापान आता हूं तो यहां बसे भारतीयों की स्नेह वर्षा बढ़ती ही जाती है। आप में से कईं साथी अनेक वर्षों से यहां बसे हुए हैं। जापान की भाषा, वेशभूषा, संस्कृति और खानपान एक प्रकार से आपके जीवन का भी हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि ये हम लोगों की विशेषता है कि हम कर्मभूमि से तन मन से जुड़ जाते हैं, खप जाते हैं। लेकिन मातृभूमि की जड़ों से जो जुड़ाव है, उससे कभी दूरी नहीं बनने देते हैं। यही हमारा सबसे बड़ा सामर्थ्य है।
मोदी ने कहा कि भारत सौभाग्यशाली है कि उसे भगवान बुद्ध का प्रत्यक्ष आशीर्वाद मिला है। उनके विचारों को आत्मसात करते हुए भारत निरंतर मानवता की सेवा कर रहा है। चुनौतियां चाहे कितनी प्रकार की हो, कितनी बड़ी क्यों न हो, भारत उनका समाधान ढूंढता ही है। मोदी ने कहा कि कोरोना से दुनिया के सामने 100 साल का सबसे बड़ा संकट पैदा हुआ। ये जब शुरू हुआ तो किसी को पता नहीं था कि आगे क्या होगा। किसी को ये पता तक नहीं था कि इसकी वैक्सीन आएगी भी या नहीं आएगी। लेकिन भारत ने उस समय भी दुनिया के देशों को दवाएं भेजीं।