खुद में सुधार करने की बजाय कांग्रेस मोदी पर ही हमलावर रही, वहीं भाजपा ने ढूंढ लिया नया MYY फॉर्मूला

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अंकित सिंह । May 23, 2022 3:57PM
भाजपा ने साफ तौर पर बताया है कि इस साल होने वाले हिमाचल चुनाव और गुजरात चुनाव के लिए ही नहीं, बल्कि वह 2023 2024 और उसके आगे होने वाले चुनाव के लिए भी तैयारी कर रही है। भाजपा अक्सर चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए इस तरह की बैठकें करती है।

वैसे तो देश में पिछले सप्ताह कई मुद्दे सुर्खियों में रहे। लेकिन हमने प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में कांग्रेस और भाजपा की राजनीति की बात की। कांग्रेस चिंतन शिविर के ठीक बाद भाजपा ने भी अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की है। इस बैठक का महत्व इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के पदाधिकारियों को संबोधित किया। कांग्रेस ने जहां अपने चिंतन शिविर में मोदी सरकार और सरकार की नीतियों पर जमकर हमले किए तो वहीं भाजपा ने आने वाले 25 सालों के लिए एक रोडमैप तैयार कर लिया। इन्हीं दोनों पार्टियों की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर हमने प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे से बातचीत की। पहला सवाल ही रहा कि आखिर भाजपा की जो बैठक हुई उसकी इनसाइड स्टोरी क्या रही? नीरज दुबे ने कहा कि भाजपा अक्सर चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए इस तरह की बैठकें करती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में राजनीति फिलहाल गर्म है और यही कारण है कि भाजपा ने वहां राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की बैठक की।

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भाजपा-कांग्रेस की बैठक का अंतर

उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर और जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बीच अंतर को समझाते हुए नीरज दुबे ने कहा कि कांग्रेस के चिंतन शिविर का लक्ष्य जो होना चाहिए था वह यह होना चाहिए था कि हमें कैसे वापसी करनी है, कैसे अपने पैरों पर खड़ा होना है, कैसे पार्टी को मजबूत करनी है। लेकिन उस चिंतन शिविर में इन सब बातों पर चिंता करने की बयाज इसी बातों पर फोकस किया गया कि आखिर मोदी सरकार को और भाजपा को कैसे घेरा जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद जो भी संवादाता सम्मेलन हुआ उसमें सीधे तौर पर पार्टी की ओर से भाजपा, आरएसएस और मोदी सरकार पर निशाना साधा गया। जबकि यह नहीं बताया गया कि कांग्रेस आगे क्या करने वाली है, किस तरीके से मजबूत होने वाली है। वर्तमान स्थिति को सुधारने के लिए पार्टी में क्या-क्या परिवर्तन हुए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद बारे में बात करते हुए नीरज दुबे ने कहा कि यहां सारा का सारा फोकस इस बात रहा कि हमें कैसे आगे बढ़ना है। नीरज दुबे ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आने वाले 25 सालों का लक्ष्य दिया है कि कैसे पार्टी को आगे बढ़ाना है, सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना है।

भाजपा का प्लान

नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि इस बैठक के पीछे भाजपा का जो उद्देश्य था, उससे वह तनिक भी नहीं भटके। वे लगातार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की बात कर रहे हैं और उसी के हिसाब से आगे बढ़ भी रहे हैं। नीरज दुबे ने कहा कि भाजपा कि नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 8 साल पूरे हो रहे हैं। पार्टी के सभी विधायक, सांसद और नेता गांव-गांव जाएंगे। वह लोगों के बीच रात में विश्राम करेंगे। उनकी समस्याओं को समझेंगे और उसका निदान कैसे हो, इस पर चर्चा करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता से जुड़ने के लिए बीजेपी का जो अभियान है वह लगातार चलता रहता है। खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भले ही हम चार राज्यों में चुनाव जीत गए हैं, लेकिन हमें आराम नहीं करना है। हमें आगे बढ़ते रहना है। भाजपा इस बैठक से एक नए फैक्टर को सामने लाई है और वह फैक्टर है MYY। महिला, युवा और योजना के जरिए सरकार हर किसी तक पहुंचने की कोशिश करेगी। भाजपा को लगता है कि इन्हीं तीनों के दम पर कोई भी चुनाव हम जीत सकते हैं और इसी के लिए वह आगे बढ़ रही है। जबकि कांग्रेस पूरी तरीके से भाजपा पर आक्रमक रही और यही कारण है कि प्रशांत किशोर ने भी चिंतन शिविर को पूरी तरह से फेल बता दिया।

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कांग्रेस की चूक

संपादक नीरज दुबे ने कहा कि भाजपा ने साफ तौर पर बताया है कि इस साल होने वाले हिमाचल चुनाव और गुजरात चुनाव के लिए ही नहीं, बल्कि वह 2023 2024 और उसके आगे होने वाले चुनाव के लिए भी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बात से साफ तौर पर पता चलता है कि कोई आने वाले कल के बारे में सोचता है लेकिन बीजेपी आगे 25 सालों के रोड मैप के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस के चिंतन शिविर में सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी का कर्ज उतारने का समय आ गया है। लेकिन इस चिंतन शिविर के बाद भी कई युवा नेता पार्टी का पटका उतार कर जा रहे हैं। हमने सवाल पूछा क्या अभी भी कांग्रेसी एकजुट होने का नाम नहीं ले रही है? इसके साथ ही वह चुनावी तैयारियों में इतना पीछे क्यों रह जा रही है? इसके जवाब में नीरज दुबे ने कहा कि भले ही कांग्रेस यह दावा कर रही हो कि अब युवाओं को पार्टी में ज्यादा महत्व दिया जाएगा। लेकिन युवाओं की चिंता जो कर रहे थे वह कर रहे थे बुजुर्ग नेता और युवा छोड़कर जा रहे हैं। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस का जिस तरीके से पतन हो रहा है। वह देश के लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है। उन्होंने कहा साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस के सामने दीवार पर लिखी बातों को क्यों नहीं पढ़ पा रही है? क्यों आगे बढ़ने की कोशिश नहीं कर रही है? क्यों सब कुछ जान के भी अनजान बनने की कोशिश में है?

राहुल गांधी का बयान

हमने राहुल गांधी द्वारा हाल में ही दिए बयानों पर भी नीरज दुबे से सवाल पूछा। नीरज दुबे ने कहा कि जिस तरीके से लंदन में जाकर राहुल गांधी भारत विरोधी बात कर देते हैं, उसकी वजह से उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। आप भाजपा के विरोध में बात कर सकते हैं लेकिन भारत के विरोध में किसी विदेशी प्लेटफार्म पर बात करना ठीक नहीं है और यह देश के खिलाफ जा सकता है। राहुल गांधी ने यूक्रेन से लद्दाख की तुलना कर दी। इस पर नीरज दुबे ने कहा कि यह गैर जिम्मेदाराना बयान है और इससे हर भारतीय को दुख हुआ होगा। लेकिन आपने यह बात कर के हमारी सेना पर सवाल उठा दिए हैं। नीरज दुबे ने कहा कि जो कुछ भी राहुल गांधी ने लंदन में कहा है वह आने वाले चुनाव में भाजपा खूब उठाएगी और इससे कांग्रेस को नुकसान होगा। नीरज दुबे ने कहा कि ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी पहली बार विदेशी धरती पर भारत विरोधी बात कर रहे हैं। इससे पहले भी कई बार कह चुके हैं। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी पर कार्रवाई करनी चाहिए। जब भी राहुल गांधी इस तरीके के बयान देते हैं तो कांग्रेस को नुकसान का सामना करना पड़ जाता है।

- अंकित सिंह 

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