By अभिनय आकाश | Mar 24, 2026
एक तरफ ईरान के साथ अमेरिका इजराइल की भिड़ंत है तो दूसरी तरफ रूस ने पीएम मोदी को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। जी हां, इस साल पीएम मोदी का रूस दौरा संभव है और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने खुद इसकी जानकारी दी है। लावरोव ने इंडिया एंड रशिया: टुवर्ड्स अ न्यू बाइलेट्रल एजेंडा (भारत और रूस: एक नए द्विपक्षीय एजेंडे की ओर) शीर्षक वाले सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि हम 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के रूस दौरे का इंतजार कर रहे हैं। इस सम्मेलन को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी संबोधित किया है। यह रूस का स्ट्रेटेजिक सिग्नल है पूरी दुनिया को। मार्च 2026 में ठीक उसी वक्त जब भारत ने नॉर्थ ईस्ट में सिक्योरिटी थ्रेट को निपटा दिया। लावरोब ने बताया कि साल 2026 में हम प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार कर रहे हैं।
रूस इसे ट्रू फ्रेंडशिप मानता है। यही वजह है कि वह चीन को भी पीछे छोड़ चुका है। अब सबसे बड़ी बात यह है कि यह बयान तब सामने आया जब मार्च 2026 में भारत के एनआईए ने एक बहुत बड़ा काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन चलाया। 13 मार्च की रात को तीन अलग-अलग एयरपोर्ट पर छापेमारी की गई। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तीन यूक्रेनी नागरिक, लखनऊ एयरपोर्ट पर तीन यूक्रेनी नागरिक और कोलकाता एयरपोर्ट पर एक अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार किया गया। पकड़ा गया। कुल सात विदेशी नागरिक गिरफ्तार हुए। यह लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। लेकिन उनका असली मकसद कुछ और ही था भारत के खिलाफ साजिश बुनना। एनआईए के मुताबिक यह लोग मिजोरम राज्य में बिना किसी रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट के घुसे। मिजोरम भारत बॉर्डर पर है और यह इलाका रिस्ट्रिक्टेड प्रोटेक्टेड है और वहां से उन्होंने अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस करके म्यांमार में प्रवेश किया। म्यांमार में जाकर उन्होंने जाति सशस्त समूहों को ट्रेनिंग भी दी। यह ग्रुप म्यांमार की मिलिट्री जुटा के खिलाफ लड़ रहे हैं और इनमें पीपल्स डिफेंस फोर यानी कि पीडीएफ जैसे संगठन भी शामिल है।