By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 20, 2023
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग में पिछले आठ दिनों से फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली तथा उनका मनोबल बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। सुरंग हादसे के नौवें दिन बचाव अभियान में सहयोग करने के केंद्र सरकार के आग्रह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी सिलक्यारा पहुंच गए और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ रणनीति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी है और लगातार स्थिति पर नज़र बनाये हुए है। महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने से उसके अंदर काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए जिन्हें निकाले जाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी है। ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसियेशन’ के अध्यक्ष डिक्स ने उम्मीद जताई कि सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने अभी तक किए गए बचाव कार्यों पर भी संतोष जाहिर किया और कहा कि बहुत सारा काम किया जा चुका है। डिक्स ने कहा, ‘‘ मैंने अभी सुरंग का निरीक्षण किया है जहां तैयारियों के लिए बहुत ढ़ेर सारा काम किया गया है।
हम अभी पहाड़ के उपर आ रहे हैं जहां हम अन्य विकल्पों पर भी विचार करेंगे।’’ उन्होंने कहा,‘‘ मैं यहां कल आया था लेकिन कल और आज के बीच मैंने जो काम देखा है, वह असाधारण है।.... आज की योजना यह है कि मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सर्वश्रेष्ठ हल निकाला जाए।’’ डिक्स ने हांलांकि इस संबंध में कोई समयसीमानहीं बतायी कि बचाव अभियान कब तक चलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित रहें, वे जिंदा बाहर आएं और बचावकर्मी भी सुरक्षित रहें।
सभी इस बात से सहमत होंगे कि हम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल पाएं और बचाव कार्य को सुरक्षित रख पायें, चाहे इसमें कितना भी समय लगे।’’ उधर, मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों का हाल जानने आ रहे उनके परिजनों के रहने-खाने का इंतजाम राज्य सरकार करेगी और उसका खर्चा उठाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्य के अधिकारियों से बचाव कार्य समेत अन्य जानकारी साझा करने और समन्वय बनाने के लिए टीम में तीन और अधिकारियों को मौके पर भेज दिया है।