By अनन्या मिश्रा | Jun 26, 2026
घर की दीवारों पर सीलन दिखना एक आम बात है। अक्सर लोग इसको छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र में सीलन को वास्तु दोष का गंभीर कारण माना जाता है। वास्तु एक्सपर्ट की मानें, तो सीलन घर की दीवारों को कमजोर करने के अलावा परिवार का सुख-चैन भी छीन सकती है। घर में सीलन और नमी निगेटिव एनर्जी की सबसे बड़ी वजह होती है। इसकी वजह से परिवार के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक समस्याओं, व्यवसाय और नौकरी आदि में भी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि सीलन और नमी की वजह से पैदा हुए वास्तु दोष को घर से कैसे दूर करें।
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि जिस दिशा की दीवार पर सीलन आती है। उस दिशा से जुड़ी चीजें प्रभावित होने लगती हैं। सीलन का घर के सदस्यों के मानसिक शांति, सेहत और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।
अगर घर की उत्तर दिशा की दीवार पर सीलन है, तो व्यापार में नए मौके आने बंद हो जाते हैं और बनी-बनाई डील भी हाथ से निकल जाती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को वित्तीय स्थिरता, विकास और आय का प्रमुख स्थान माना जाता है। इस दिशा में सीलन होने पर पैसा पानी की तरह बहता है। वहीं पारिवारिक रिश्तों में भी दरार आने लगती है और पति-पत्नी के बीच झगड़े बने रहते हैं।
घर इस दिशा में नमी या रिसाव होने पर घर के सदस्यों की एनर्जी खत्म होने लगती है। वहीं इस दिशा को डिस्पोजल की दिशा मानी जाती है। गैर-जरूरी खर्च बढ़ते हैं और पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ती है।
घर की पूर्व दिशा की दीवार पर नमी होने से समाज में नाम और प्रसिद्धि पर असर पड़ता है। लोगों के साथ आपके रिश्ते खराब होते हैं और पिता-पुत्र के रिश्ते में भी तनाव आने लगता है।
घर की पश्चिम में मौजूद सीलन लाभ रोकने का काम करती है। आप कितनी भी मेहनत कर लें, आपको उसका सही नतीजा नहीं मिलता है।
वास्तु के मुताबिक दीवारों पर सीलन की मौजूदगी घर में धन प्रवाह को रोकती है। कुछ आसान वास्तु उपायों की सहायता से आप सीलन और नमी की वजह से उत्पन्न वास्तु दोष को दूर कर सकते हैं।
घर के जिस भी कोने में सीलन हो, वहां पर सफाई करने के बाद एक कटोरी कपूर रख दें। यह निगेटिव एनर्जी और बदबू दोनों को खत्म करता है।
सप्ताह में 2 से 3 बार पानी में सेंधा नमक मिलाकर पोंछा लगाएं। इससे निगेटिव एनर्जी दूर होती है और गुरुवार के दिन पोछा लगाने से बचना चाहिए।
प्रयास करें कि सीलन वाले कमरे में सूरज की रोशनी जरूर जाएं। सूर्य की किरणें वास्तु दोष को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने का काम करती है।
अगर दीवार के अंदर कोई पाइप लीक हो तो उसको फौरन ठीक करवाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में बहता हुआ पानी या टपकता हुआ नल आर्थिक नुकसान की वजह बनता है।