By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2021
देश का बड़ा हिस्सा कृषि के अलावा जलाशयों को भरने के लिए चार महीने की बारिश के मौसम पर निर्भर है। महापात्र ने ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम अच्छे मॉनसून की उम्मीद कर रहे हैं जिससे कृषि क्षेत्र को मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मात्रात्मक रूप से, देश में मॉनसून की बारिश के दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 101 प्रतिशत रहने की संभावना है। जिसमें चार प्रतिशत कम या ज्यादा की आदर्श त्रुटि हो सकती है।’’ एलपीए के 96 से 104 प्रतिशत के दायरे मेंमॉनसून को सामान्य माना जाता है। वर्ष 1961-2010 अवधि के लिए पूरे देश में मॉनसून की बारिश का एलपीए 88 सेंटीमीटर है। आईएमडी ने दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2021 के लिए पहले दीर्घावधि पूर्वानुमान में एलपीए की 98 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया था जो सामान्य श्रेणी में आता है। लेकिन अब उसने अपने पूर्वानुमान को एलपीए का 101 प्रतिशत कर दिया है जो सामान्य श्रेणी में उच्च स्तर की ओर है।