Indian Monsoon Update | मानसून ने पकड़ी रफ़्तार... दो वेदर सिस्टम से पूरे भारत में होगी झमाझम बारिश, दिल्ली-मुंबई समेत कई राज्यों में अलर्ट

By रेनू तिवारी | Jun 30, 2026

हफ़्तों की सुस्ती और बारिश की कमी के बाद भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार अपनी पूरी रफ्तार में लौटने की तैयारी कर रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने देश में एक साथ दो महत्वपूर्ण मौसम प्रणालियों (वेदर सिस्टम) के सक्रिय होने का संकेत दिया है। इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बनने वाले इन सिस्टम्स के कारण देश के बड़े हिस्सों में व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। इस बदलाव से उत्तर भारत में लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है।

इसे भी पढ़ें: WhatsApp पर आ रहा है सबसे बड़ा प्राइवेसी अपडेट! अब फोन नंबर शेयर किए बिना चैट के लिए बनाएं 'यूज़रनेम'

हालांकि इस इलाके में नमी लगातार बढ़ी है, लेकिन मानसून का कोई व्यवस्थित सर्कुलेशन न होने के कारण व्यापक बारिश नहीं हो पाई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह स्थिति बदलने वाली है।

इसका मुख्य कारण मानसून ट्रफ़ है, जो कम दबाव वाला एक ऐसा क्षेत्र है जिससे भारत में ज़्यादातर मौसमी बारिश होती है। हालांकि ट्रफ़ बन तो गया है, लेकिन यह अपनी सामान्य स्थिति से काफी उत्तर में, हिमालय की तलहटी के बहुत करीब बना हुआ है। इस वजह से बारिश वाला सक्रिय क्षेत्र इंडो-गैंगेटिक मैदानों से दूर चला गया है, जिससे दिल्ली और आसपास के राज्यों में मानसून के सही हालात बनने में देरी हुई है।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: Mental Health के लिए रामबाण है Box Breathing, Stress Hormone 'Cortisol' को करती है कंट्रोल

 

पूर्वानुमान मॉडल अब संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में ट्रफ़ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ेगा। जैसे-जैसे यह अपनी सामान्य स्थिति के करीब आएगा, वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफ़ान और व्यापक बारिश होगी।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: Mental Health के लिए रामबाण है Box Breathing, Stress Hormone 'Cortisol' को करती है कंट्रोल

मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह बदलाव 1 जुलाई से 5 जुलाई के बीच शुरू होगा, जब मानसून उत्तर भारत में मज़बूती से जम जाएगा और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। हालांकि, यह वापसी सिर्फ़ मानसून ट्रफ़ की वजह से नहीं होगी।

 

लगभग एक महीने के लंबे इंतजार के बाद भारत का मानसून सिस्टम अब पूरी तरह से 'एक्टिव मोड' में आ चुका है। जुलाई का पहला हफ्ता देश के कई हिस्सों के लिए छिटपुट प्री-मानसून बौछारों से निकलकर लगातार और व्यापक मानसूनी बारिश के दौर में प्रवेश करने का समय साबित होगा। 

इस हफ़्ते बंगाल की खाड़ी में लगातार दो कम दबाव वाले क्षेत्र बनने और मध्य भारत से होते हुए ज़मीन की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ये सिस्टम वातावरण में भारी मात्रा में नमी पहुंचाएंगे, जिससे मानसून का सर्कुलेशन मज़बूत होगा और पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत में बारिश बढ़ेगी।

पश्चिमी तट पर भी एक बार फिर ज़ोरदार बारिश होने की संभावना है। मुंबई, जहां इस सीज़न में पहले ही भारी बारिश हो चुकी है, वहां हफ़्ते के मध्य में बारिश फिर से तेज़ हो सकती है। अनुमान है कि भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। अगर मौसम का सिस्टम अनुमान के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के कुछ इलाकों में वीकेंड तक लगभग 500 मिमी बारिश हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: WhatsApp पर आ रहा है सबसे बड़ा प्राइवेसी अपडेट! अब फोन नंबर शेयर किए बिना चैट के लिए बनाएं 'यूज़रनेम'

इस नई गतिविधि से उन कई इलाकों में बारिश बेहतर होने की उम्मीद है जहाँ अब तक बारिश कम हुई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों में लंबे समय तक भारी बारिश होगी, वहाँ स्थानीय स्तर पर बाढ़, जल-जमाव और ट्रांसपोर्ट में रुकावट की आशंका बनी रहेगी।

लगभग एक महीने के इंतजार के बाद, भारत का मॉनसून सिस्टम आखिरकार फिर से सक्रिय होता दिख रहा है। अगर अनुमान सही साबित होता है, तो जुलाई का पहला हफ्ता छिटपुट प्री-मॉनसून तूफानों से व्यापक और लगातार बारिश की ओर बदलाव का समय हो सकता है।

प्रमुख खबरें

FIFA World Cup का सबसे बड़ा उलटफेर, Penalty Shootout में Paraguay ने Germany को किया बाहर

तीस्ता के बहाने चिकन नेक के करीब बढ़ रहा चीन? भारत ने जताई चिंता तो ड्रैगन का आया ये जवाब

FIFA World Cup में बड़ा उलटफेर, Penalty Shootout में Morocco ने Netherlands को किया बाहर

Ram Mandir चंदा घोटाले पर गरजीं Mayawati, बोलीं- दोषियों पर हो Action, बदलो पूरा System