By अभिनय आकाश | Jan 29, 2026
पाकिस्तान में रोना धोना कम ही नहीं होता और अब पाकिस्तान में मस्जिदों के लाउडस्कर से एक ऐलान हुआ है और मुसलमानों में खलबली मच गई है। आननफानन में लोगों ने जरूरी सामान समेटा और महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों के साथ घर छोड़ दिया। भारी बर्फबारी और हांड कपा देने वाली ठंड में लोग सड़कों पर रात बिताने के लिए मजबूर हैं। लेकिन फरमान आसिम मुनीर की ओर से जारी हुआ है। लिहाजा मानना मजबूरी है। सुबह-सुबह मस्जिद से ऐलान हुआ कि लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को साथ लेकर अपने घरों को खाली कर दें। ऐसा होने की देर थी कि खैबर पख्तूनखा की तराह वैली में हड़कंप मच गया। जो जितना सामान समेट सकता था समेटा और सुरक्षित जगह की तलाश में निकल पड़ा। भारी बर्फबारी के बीच बच्चों और बुजुर्गों के साथ घर बार छोड़ना कतई आसान नहीं था।
टीटीपी ने सिराह घाटी के आसपास अपनी जड़े जमा रखी हैं। खैबर के इसी इलाके से उसके लड़ाके पाकिस्तानी सेना को आए दिन निशाना बनाते हैं। तिराह घाटी की बात करें तो यह खैबर पख्तूरखा के खैबर जिले में स्थित एक रणनीतिक और संवेदनशील इलाका है। यह घाटी पाकिस्तान, अफगानिस्तान बॉर्डर के बेहद करीब है और ऐतिहासिक रूप से खैबर दर्रे से जुड़ी है। तिराहा घाटी सदियों से सैन्य, व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है।