By Abhinay akash | Oct 26, 2026
मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने सोमवार को टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में चार आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। कुणाल, सुमित, राधा और बबीता नाम के इन चार आरोपियों को दूसरी बार एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट) में पेश किया गया। बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिर्गल मधुकर ने बताया कि शुरुआत में इन चारों को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर रखा गया था, जिस दौरान उनसे काफी पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि आज इन चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया; यह उनकी दूसरी पेशी थी। पहले इन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर रखा गया था, जिसके दौरान उनसे काफी पूछताछ हुई। इसके अलावा, पुलिस ने आज से 31 तारीख तक उनकी कस्टडी बढ़ाने की मांग की। लेकिन, उनके मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक डेबिट कार्ड समेत सभी जरूरी चीजें पहले ही बरामद की जा चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस को और कस्टडी की क्या जरूरत है? आज हमारी दलील का मुख्य हिस्सा यही था। कोर्ट ने उन्हें 28 तारीख तक कस्टडी में भेज दिया है। यह सिर्फ वॉयस सैंपल लेने के मकसद से किया गया है।
जांच अधिकारी (IO) ने अदालत में इन तीनों की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि अपराध में इनकी अहम भूमिका थी। IO ने बताया कि आरोपी अंकित रेकी करने के लिए मुंबई गया था, आरोपी समीर सीधे तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था, और जतिन पांचाल ने कथित तौर पर वे हथियार उपलब्ध कराए थे जिनका इस्तेमाल अंकित और समीर ने किया था। साजिश को अंजाम देने में इनकी सीधी संलिप्तता का हवाला देते हुए, पुलिस ने इनसे कस्टडी में पूछताछ करने की अनुमति मांगी। सरकारी वकील क्रांति कुंभार ने राज्य की ओर से पक्ष रखते हुए 31 अक्टूबर तक रिमांड बढ़ाने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले से जुड़े कई वांछित लोग अभी महाराष्ट्र के बाहर हैं, जिसके लिए अलग-अलग राज्यों में जांच करने की जरूरत है।