By रेनू तिवारी | Jul 03, 2026
मायानगरी मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में एक बार फिर मॉनसून अपना रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। शुक्रवार सुबह सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि अरब सागर में बादलों का एक बेहद विशाल और सघन समूह (Cloud Cluster) बन रहा है, जो तेजी से महाराष्ट्र के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस वेदर सिस्टम के कारण आने वाले कुछ घंटों में मुंबई और इसके आस-पास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों में सुबह से ही ज़ोरदार बारिश शुरू हो चुकी है।
ऐसा लगता है कि यह मौसम प्रणाली अरब सागर से आ रही भरपूर नमी से ऊर्जा ले रही है। दक्षिण-पश्चिम से चलने वाली तेज़ मॉनसून हवाएँ लगातार गर्म और नमी वाली हवा को कोंकण तट की ओर ले जा रही हैं, जहाँ यह हवा ऊपर उठकर घने क्युमुलोनिम्बस (cumulonimbus) बादलों में बदल रही है।
बादलों का यह घेरा महाराष्ट्र के तट से दूर से लेकर गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ है, और बादलों के इस बड़े समूह के भीतर तेज़ संवहन (intense convection) वाले कई हिस्से भी मौजूद हैं। इन हिस्सों के दिन के दौरान ज़मीन की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भारी बारिश, तूफ़ान और तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। यह समय महत्वपूर्ण है क्योंकि मौसम का पूर्वानुमान लगाने वालों को उम्मीद थी कि बारिश का सबसे तेज़ दौर शुक्रवार से शुरू होगा।
हालाँकि, अरब सागर के ऊपर बादलों के तेज़ी से संगठित होने से पता चलता है कि मॉनसून उम्मीद से पहले ही तेज़ हो गया है, जिससे गुरुवार से ही बारिश की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं।
दक्षिण मुंबई में सुबह से ही लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है और ट्रैफ़िक की गति धीमी हो गई है। जैसे-जैसे बादलों की मुख्य पट्टी तट के करीब आएगी, बारिश की तीव्रता और बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी तट के साथ एक मज़बूत 'ऑफशोर ट्रफ' (offshore trough), सक्रिय मॉनसून प्रवाह और ऊपरी हवा की अनुकूल स्थितियों का मेल मुंबई और आस-पास के ज़िलों में लगातार भारी बारिश के लिए आदर्श माहौल बना रहा है।
निवासियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, खासकर आवागमन के व्यस्त समय के दौरान, क्योंकि बहुत भारी बारिश के छोटे दौर से दृश्यता (visibility) काफी कम हो सकती है और सड़कें जलमग्न हो सकती हैं। अगर कई घंटों तक तेज़ बारिश जारी रहती है, तो संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) सैटेलाइट से मिली जानकारी के ज़रिए बादलों के बदलते पैटर्न पर बारीकी से नज़र रख रहा है। अरब सागर से नमी मिलने का सिलसिला जारी रहने के कारण, मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में दिन भर रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सक्रिय दौर पश्चिमी तट पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मज़बूत होने का संकेत है, और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कोंकण तथा आसपास के इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi