By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी पद से इस्तीफ़ा देने वाले चंपत राय ने डोनेशन चोरी के मामले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्होंने ही कथित गबन का पर्दाफ़ाश किया था। अपना बचाव करते हुए, राय ने कथित तौर पर कहा कि उनके कहने पर ही छिपे हुए सर्विलांस कैमरे लगाए गए थे और उन कैमरों की फुटेज से ही कथित चोरी का पता लगाने में मदद मिली।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एकांतवास में रह रहे राय ने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से यह भी कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि उनका इशारा किसकी ओर था। यह घटनाक्रम राम मंदिर के दान में कथित गबन के विवाद और कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की वकीलों के एक वर्ग की मांग के बीच आया है। सूत्रों ने कहा कि राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, जो पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं, का भविष्य छह जुलाई को अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से तय होने की संभावना है।
मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत दी। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
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