By अनुराग गुप्ता | Jun 27, 2022
महाराष्ट्र में सातवें दिन भी सियासी ड्रामा जारी रहा। ऐसे में शिवसेना के बागी विधायक राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) में शामिल हो सकते हैं। क्योंकि एकनाथ शिंदे के पास दो तिहाई से ज्यादा विधायक होने के बावजूद विधानसभा में अलग पार्टी की मान्यता मिलना आसान नहीं होगा। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव से पहले अगर इस विवाद को सुलझाना है तो विलय सबसे अच्छा रास्ता हो सकता है। कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के पास तीन पार्टियों में विलय करने का विकल्प है लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मनसे की हो रही है।
शिंदे कैंप के पास मौजूद है 3 विकल्प
एकनाथ शिंदे कैंप के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो उनके (एकनाथ शिंदे) पास तीन पार्टियों के विकल्प मौजूद हैं। जिनमें मनसे, प्रहार जनशक्ति और भाजपा शामिल है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि भाजपा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर सकती है। इस मुलाकात में भाजपा राज्यपाल के समक्ष फ्लोर टेस्ट की मांग करेगी। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस के आवास पर पार्टी नेताओं की अहम बैठक हुई है।
एक बागी नेता ने बताया कि हम जानते हैं कि अगर हम अपने समूह का भाजपा में विलय करते हैं तो यह हमें एक राष्ट्रीय पहचान देगा और प्रक्रिया आसान हो जाएगी। लेकिन हम क्षेत्रीय पार्टी के रूप में अपनी व्यक्तिगत पहचान नहीं खोना चाहते हैं।
पवार पर बरसे केसरकर
शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि शरद पवार के इशारे पर संजय राउत पार्टी खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। एनसीपी नेता संजय राउत के कंधे से बंदूक चलाएंगे... हम समाप्त नहीं होंगे, हम रुकेंगे नहीं और जब तक हम महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर नहीं ले जाएंगे, तब तक पीछे नहीं हटेंगे।