By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 12, 2023
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर निशाना साधते हुए पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा की तुलना विभाजन काल की उथल-पुथल से की। नड्डा ने यह भी दावा किया कि टीएमसी सुप्रीमो एवं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को लोकतंत्र की हिमायती के रूप में पेश करती हैं, जबकि वह इसे कमजोर कर रही हैं। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर ममता का मजाक उड़ाते हुए नड्डा ने कहा कि टीएमसी सरकार की अगली कैबिनेट बैठक जल्द ही जेल में होगी। नड्डा ने एक सभागार में पंचायत चुनावों में भाजपा के विजयी उम्मीदवारों और चुनावी हिंसा के कथित पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी शासन के तहत राज्य में जंगल राज चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, लोगों को बोलने की इजाजत नहीं है। बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है।
ममता ने दावा किया था कि आठ जून को चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से चुनाव संबंधी हिंसा में 29 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर उनकी पार्टी टीएमसी से जुड़े हुए थे। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने मरने वालों की संख्या 38 बताई है, लेकिन इस बात से सहमति जताई है कि जान गंवाने वालों में कम से कम 60 प्रतिशत लोग टीएमसी के थे। नड्डा की टिप्पणी पर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और भाजपा अध्यक्ष के बयानों को मणिपुर में भाजपा की विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास करार दिया। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, भाजपा ने ही पंचायत चुनावों के दौरान राज्य में हिंसा फैलाई। भाजपा नेता राज्य को बदनाम करने और मणिपुर में अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ये बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। मणिपुर पिछले तीन महीनों से जल रहा है।