घर लौट रहे हैं आंदोलनकारी किसान, नाना पटोले बोले- मोदी सरकार का किसानों से वादा न हो जुमला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 09, 2021

देश के लिए यह बेहद खुशी की बात है कि किसान साल भर से चले आ रहे आंदोलन को खत्म कर अपने घर वापस लौट रहे हैं। केंद्र सरकार के लिखित आश्वासन के बाद किसान संघों ने आंदोलन को खत्म करने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने किसानों आंदोलन को वापस लेने पर यह प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने गारंटी अधिनियम (एमएसपी ) बनाने, किसानों के साथ बिजली बिल पर चर्चा करने और बिल पेश करने, आंदोलन के दौरान दर्ज अपराध वापस लेने और मुआवजा देने का वादा किया है। मोदी सरकार द्वारा किसानों को दिए गए इस लिखित आश्वासन के बाद किसान संगठनों ने संतोष व्यक्त करते हुए 378 दिनों से चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन वापस ले लिया है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष पटोले ने पिछले अनुभवों के आधार पर आशंका जताते हुए कहा है कि कहीं मोदी सरकार का किसानों से वादा फिर से 'जुमला' न साबित हो. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दौरान 700 निर्दोष किसानों की मौत के लिए मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं बच सकती है।

इसे भी पढ़ें: Parliament Diary । Uniform Civil Code की उठी मांग, 2022 में होगा Chandrayaan-3 का प्रक्षेपण

पटोले ने कहा कि सिर्फ मोदी सरकार के अहंकार और तानाशाही रवैए की वजह से इन किसानों की जान चली गई । उन्होंने कहा कि इस अत्याचार के लिए पूरा देश मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा। पटोले ने कहा कि अगर सरकार ने एक साल पहले यह भूमिका निभाई होती तो जान-माल की इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि हालांकि किसानों ने मोदी सरकार पर भरोसा जताकर अपना आंदोलन वापस ले लिया, लेकिन बीजेपी और मोदी सरकार के पिछले अनुभव को देखते हुए उन पर विश्वास करना मुश्किल है. सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने खुद किसानों की आय दोगुनी करने और डेढ़ गुना एमएसपी की गारंटी देने का वादा किया था, लेकिन सात साल बाद भी वह इस वादे को पूरा नहीं किया जा सका है। इसके अलावा हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा भी किया गया, लेकिन जब मोदी सरकार फेल साबित हुई तो बेरोजगार युवाओं को पकौड़े तलने की सलाह दी गई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके अलावा विदेशों से काले धन वापस लाकर प्रत्येक देशवासी के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने  का भी वादा किया था। 100 दिनों में महंगाई कम करने और पेट्रोल को 35 रुपए प्रति लीटर पर लाने का वादा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया.

इसे भी पढ़ें: इंदिरा के मंत्री से महामहिम बनने तक की दास्तां, जानिए प्रणब 'दा' के जीवन से जुड़े दिलचस्प किस्से

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटोले ने कहा कि किसानों के संघर्ष में कांग्रेस पार्टी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुरू से ही इसमें भाग लिया था। राहुल गांधी ने शुरू से कहा था कि किसान अपने न्याय के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने पहले ही साफ़ किया था कि  अंत में मोदी सरकार को पीछे हटना होगा और बाद में ऐसा ही हुआ। आखिरकार अंत में मोदी सरकार को  पछाड़ मिली और किसानों से माफी मांगते हुए काले कानूनों को निरस्त करना पड़ा। हालांकि मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में हार के डर से कृषि कानूनों को निरस्त कर किसानों की सभी मांगों को पूरा करने का वादा किया है, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस पर सदन में चर्चा करने के बाद निर्णय लिया जाना चाहिए था।

प्रमुख खबरें

HDFC Bank में भूचाल, Chairman Atanu Chakraborty के इस्तीफे से Corporate Governance पर उठे बड़े सवाल

Gold-Silver ETF में भारी बिकवाली, एक झटके में 8% तक गिरे Silver Fund, डूबा पैसा?

HSBC में AI का कहर: Banking Sector में 20,000 Jobs पर लटकी तलवार, बड़ी छंटनी की तैयारी।

IPL से पहले Riyan Parag का बड़ा बयान, कहा- Sanju Samson हमारे लिए Virat Kohli जैसे थे