सेक्युलरिज्म का चोला और कम्यूनलिज्म का ठेला लेकर वोटों की सौदागिरी करने वाले हो चुके हैं एक्सपोज
By अंकित सिंह | Sep 25, 2021
महाराष्ट्र भाजपा की अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक एवं प्रशिक्षण शिविर को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने संबोधित किया। अपने संबोधन में नकवी ने विपक्ष पर जबरजस्त हमला किया। उन्होंने कहा कि "मोदी बैशिंग ब्रिगेड" अपने ही "चालबाजी चक्रव्यूह के चक्के में चकनाचूर होता जा रहा है।" नकवी ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में अल्पसंख्यक वोटों के "सियासी सौदागरों" ने अल्पसंख्यकों के शोषण की “75 शतरंजी चालें” चली हैं। कभी भय की चाल, कभी भ्रम की ढ़ाल, कभी धर्म का जाल तो कभी अफवाहों-आशंकाओं का बवाल। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समाज को ऐसे "सियासी सौदागरों" से होशियार रहना होगा जो "सेक्युलरिज़्म के चोले में वोटों की नीलामी का ठेला" लेकर घूम रहे हैं। विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि "छद्म धर्मनिरपेक्षता" की सेक्युलरिज़्म के नाम पर ढोंग की पराकाष्ठा तो तब होती है जब शिवसेना जब भाजपा के साथ होती है तो उस पर कम्युनलिज़्म का ठप्पा लगता है और जब कांग्रेस के साथ होती है सेक्युलर होने का सर्टिफिकेट। ऐसे "सेक्युलर सिंडिकेट" के पास कौनसा "सर्टिफिकेट सेंटर" है जो मिनटों में किसी को सेक्युलर और किसी को कम्युनल बना देता है। नकवी ने कहा कि पंथनिरपेक्षता भाजपा की संवैधानिक प्रतिबद्धता है और समावेशी विकास संकल्प। इस बात को जमीन की हकीकत में हमने बदला है। इस सच्चाई को लोगों ने समझना शुरू कर दिया है। खासकर अल्पसंख्यक समाज ऐसे "वोट के सौदागरों" के "सियासी शोषण" और "वोटों के अपहरण" की चालबाजी को महसूस भी कर रहा है। जो कुछ भी सेक्युलरिज़्म के नाम पर "सियासी शतरंज" बिछाये जाते हैं वो भी बेनकाब हो गए हैं।