By एकता | Sep 06, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 2013 के भारत और आज के भारत की तुलना करते हुए कहा कि देश पिछले एक दशक में आर्थिक और सामाजिक तौर पर मजबूत हुआ है और आज ज्यादा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश में दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाई जा रही थी, तब भी सवाल उठाए गए थे। इसी तरह बुलेट ट्रेन, UPI, सेमीकंडक्टर और नए संसद भवन जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी आलोचना हुई। उन्होंने कहा कि आज इन्हीं पहलों ने भारत की क्षमता और विकास की तस्वीर बदलने में योगदान दिया है।
पीएम मोदी ने अपने 15 अगस्त के लाल किले के भाषण का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने आलोचकों को ‘होम्योपैथिक दवा’ दी थी और उनके बयान के बाद कई लोगों की सोच सामने आ गई। पीएम ने इस दौरान देश के विकास को लेकर अपनी सरकार की नीतियों का बचाव किया और कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
SRCC के छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें 2013 का भारत याद करना चाहिए। उन्होंने उस समय की आर्थिक चुनौतियों, आतंकवादी हमलों और देश के सामने मौजूद दूसरी समस्याओं का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत पहले के मुकाबले ज्यादा आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने अपनी बात रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पिछले करीब एक दशक में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। उनके मुताबिक, नए बाजार खुलने से देश के युवाओं और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का असर अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है। एक अन्य संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2013 में भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज देश की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर है।
13 साल बाद फिर SRCC पहुंचे पीएम मोदी
पीएम मोदी का SRCC से पुराना जुड़ाव रहा है। वह करीब 13 साल बाद दोबारा इस कॉलेज पहुंचे। फरवरी 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने SRCC में छात्रों को संबोधित किया था। उस समय भी उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और विकास को लेकर अपनी सोच छात्रों के सामने रखी थी। इस बार अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को देश के भविष्य में बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज युवाओं के सपने सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे खुद कंपनियां और नए कारोबार शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने युवाओं की इसी उद्यमशील सोच को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।