By अभिनय आकाश | Jan 06, 2026
डेनमार्क और अन्य यूरोपीय संघ और नाटो देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि ग्रीनलैंड के भविष्य के बारे में निर्णय लेने का अधिकार केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड को है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली के प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने इस घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कई मंचों पर यह कह रहे हैं कि अब ग्रीनलैंड की बारी है क्योंकि उन्हें ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए चाहिए। अमेरिका की सुरक्षा के नाम पर वो चीन और रूस का भी नाम लेते हैं और कहते हैं कि कभी भी यह हमारे घर पर दस्तक दे सकते हैं। ऐसे में हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है। हम उसे लेकर रहेंगे।