By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026
नयी दिल्ली, छह नवंबर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दौलत राम कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर पर छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, दबाव बनाने और छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़ी मीडिया की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शिकायत में तीन महीने से अधिक समय तक बार-बार उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया गया है और इसमें कथित तौर पर ‘‘अनुचित’’ संदेश भेजने व 27 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में हुई एक घटना का भी उल्लेख है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दौलत राम कॉलेज की प्राचार्य को पत्र लिखकर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पॉश) अधिनियम, 2013 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लागू नियमों के तहत आंतरिक समिति से निष्पक्ष, तटस्थ और समयबद्ध जांच कराने को कहा है।
आयोग ने शिकायतकर्ता की सुरक्षा के लिए उचित एहतियाती कदम उठाने, उसे शैक्षणिक स्तर पर किसी भी तरह के प्रतिशोध से बचाने, मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भी आग्रह किया है। आयोग ने कहा कि उसने शैक्षणिक संस्थानों में पॉश अधिनियम के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। आयोग ने कहा, ‘‘उसने की गई कार्रवाई के संबंध में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।’’ विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बुधवार को कहा था कि छात्रा की शिकायत के बाद सहायक प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया गया है और आंतरिक शिकायत समिति मामले की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता की ओर से बात करते हुए एक छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने पीड़िता को कई ‘‘अनुचित’’संदेश भेजे, उससे छेड़छाड़ करने की कोशिश की और यहां तक कि उसे परीक्षा में फेल करने की धमकी भी दी। छात्रा के मुताबिक, कथित घटना 27 अक्टूबर की है और इसकी शिकायत 29 अक्टूबर को दर्ज कराई गई थी।