By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026
नयी दिल्ली, छह नवंबर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (ग्रैप) के तहत तीसरे चरण के उपाय लागू कर दिये। आयोग के अनुसार, बृहस्पतिवार को शाम चार बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 दर्ज किया गया, जो ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में आता है। आईआईटीएम-पुणे ने अपने दैनिक बुलेटिन में कहा, ‘‘छह नवंबर को वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है।
सात से नौ नवंबर तक इसके ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने का अनुमान है। इसके बाद के छह दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रहने का अनुमान है।’’ ग्रैप आपातकालीन उपायों का एक समूह है, जिन्हें वायु गुणवत्ता एक निश्चित स्तर पर पहुंचने के बाद प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने से रोकने के लिए लागू किया जाता है। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत पूरे एनसीआर में धूल उड़ाने वाली और वायु प्रदूषण का कारण बनने वाली निर्माण एवं तोड़फोड़ (सीएंडडी) गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय राजधानी से लगे राज्यों की सरकारों को इस बारे में फैसला लेना होगा कि सार्वजनिक क्षेत्र, नगर निकायों और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय से काम करने की अनुमति दी जाए और शेष कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा जाये। ग्रैप का पहला चरण (ग्रैप-1) तब लागू होता है, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201 से 300 के बीच होता है। दूसरा चरण (ग्रैप-2) एक्यूआई के 301 से 400 के बीच होने पर लागू किया जाता है।
तीसरा चरण (ग्रैप-3) 401 से 450 के बीच एक्यूआई होने पर लागू होता है, जबकि चौथा चरण (ग्रैप-4) एक्यूआई 450 से अधिक होने पर लागू किया जाता है।