By अंकित सिंह | May 05, 2026
बिहार में एनडीए सरकार 7 मई को होने वाले बड़े मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में जुटी है। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह प्रतिष्ठित गांधी मैदान में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 सदस्य हो सकते हैं। फिलहाल सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर रहे हैं, साथ ही जेडीयू के दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी सरकार का हिस्सा हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो नीतीश कुमार के एक दिन पहले पद छोड़ने के बाद नेतृत्व में हुए बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के दो उपमुख्यमंत्रियों - विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव - के साथ शपथ ग्रहण की। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता कई राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण 15 अप्रैल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके।
सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में भाजपा के 12, जेडीयू के 11, एलजेपी (राम विलास) के 2 और एचएएम और आरएलएम से एक-एक मंत्री शामिल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, छह मंत्री पद फिलहाल रिक्त रखे जाने की उम्मीद है। जेडीयू में, सभी आठ मौजूदा मंत्री अपने पदों पर बने रहेंगे। इनके साथ ही, पांच नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है: श्वेता गुप्ता, भगवान कुशवाहा, रत्नेश सदा, शीले मंडल और बुलो मंडल। इस विस्तार को आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से पहले एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य जातिगत समीकरणों को संतुलित करना और राज्य में एनडीए गठबंधन को मजबूत करना है।