देश के गौरवशाली इतिहास का अध्ययन और उसका अनुसरण करने की आवश्यकताः राज्यपाल

By विजयेन्दर शर्मा | Nov 13, 2021

शिमला    राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरू बने यह हर भारतीय का स्वप्न है और आज इसे हकीकत में परिवर्तित करने का समय आ गया है। इस स्वप्न को पूरा करने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर हमें किसी न किसी रूप में योगदान करने का प्रण लेना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि इस वातावरण को बदलने के लिए प्रयास करें। आज देश को सशक्त नेतृत्व प्राप्त हुआ है और देश में अलग तरह के वातावरण के निर्माण हुआ है। इस बदले परिवेश में हम सभी को देश के विकास के लिए अपना योगदान देना करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर सात स्वतंत्रता सेनानियों को राष्ट्र के लिए उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया।

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सुनील उपाध्याय ने समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को हिमाचल में मजबूत संगठन के रूप में स्थापित किया। उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन से सम्बन्धित अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि आज देश में पाश्चात्य विचारधारा को मानने वाले लोग हैं, लेकिन हमें अपने गौरवशाली इतिहास का अध्ययन करने और उसका अनुसरण करने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि आशीष चैहान ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत किया और ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

ट्रस्ट के सचिव डाॅ. सुरेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। महाधिवक्ता अशोक शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार, गुडि़या सक्षम बोर्ड की उपाध्यक्षा रूपा शर्मा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सदस्य डाॅ. नागेश ठाकुर और अन्य गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

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