India-US Trade Talks पर विराम की खबरें खारिज! वाणिज्य मंत्रालय बोला- 'बातचीत जारी, डेटा सेंटर हब बनेगा भारत'

By रेनू तिवारी | Mar 14, 2026

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह सक्रिय है। मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ता रुक गई है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए पिछले महीने वाशिंगटन में मिलना था। लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी प्रशासन के जवाबी शुल्कों को रद्द करने के बाद इस मुलाकात को स्थगित कर दिया था।

मंत्रालय ने व्यापार समझौते पर द्विपक्षीय बातचीत रुक जाने का दावा करने वाली खबरों को खारिज करते हुए यह बात कही। वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हमने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता के संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट पर गौर किया है। इस बात का खंडन किया जाता है कि द्विपक्षीय बातचीत में कोई ठहराव आया है। दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए संपर्क में बने हुए हैं। भारत सरकार की यह टिप्पणी इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 11 मार्च को भारत और चीन समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं की नीतियों एवं औद्योगिक प्रथाओं को लक्षित करते हुए धारा 301 के तहत व्यापार जांच शुरू की है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इन खबरों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि इनका कोई आधार नहीं है। गोयल ने यहां एनएक्सटी शिखर सम्मेलन 2026 में कहा, हमारा अमेरिका के साथ बहुत अच्छा व्यापार समझौता है। हम अपने सभी संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करने में सफल रहे हैं। उन्होंने इस समझौते को बेहद शक्तिशाली बताते हुए कहा कि यह भारत को दुनिया का डेटा सेंटर बनाने में मदद करेगा क्योंकि इससे अमेरिका से बेहतरीन तकनीक प्राप्त होगी।

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अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भारत एवं अन्य देशों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों को रद्द करने वाले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की हुई है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों ने कभी भी यह नहीं कहा कि व्यापार वार्ता रुक गई है या हम समझौता नहीं कर रहे हैं। बांग्लादेश, मलेशिया और कंबोडिया जैसे कुछ देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

हालांकि कुछ अन्य देशों ने केवल कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया है, उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जहां तक भारत और अमेरिका का सवाल है तो दोनों देशों ने व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। अधिकारी ने कहा, हर देश इस बात पर नजर रख रहा है कि अमेरिका में शुल्कों को लेकर व्यापक स्थिति क्या बन रही है। इस (पश्चिम एशिया) संकट के बाद से भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों ने कम-से-कम चार-पांच बार बात की है और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भी सत्र आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, बातचीत में कोई गतिरोध नहीं है।

हम चर्चा कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि समझौता तैयार हो जाए, लेकिन समझौते पर हस्ताक्षर केवल उपयुक्त समय पर ही होंगे। आप सभी जानते हैं कि यह समझौता तुलनात्मक बढ़त और अमेरिकी बाजार में तरजीही पहुंच पर आधारित है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी शुल्क खत्म नहीं हो रहे हैं। उन्हें इस तरह से लागू किया जाएगा और ऐसे स्तर पर रखा जाएगा, जहां भारत को अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले तुलनात्मक बढ़त मिले।

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