By अंकित सिंह | Aug 27, 2026
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नेपाल में लगभग 288 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट के 73 कर्मचारी, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 37 और 49 लोग, तिमुरे में पश्चिम बंगाल के 32 नागरिक, अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय और केरल के 33 लोग शामिल हैं। जयसवाल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने कल नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की, गहरी संवेदना जताई और कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। साथ ही, हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को बचाया है... हमें जानकारी मिली है कि मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय नागरिक चीन की तरफ फंसे हुए हैं... वहां लगभग 200 भारतीय नागरिक हैं जिन्होंने वहां से निकलने के लिए हमसे मदद मांगी है। इनमें से 95 गारचन में हैं और अभी नेपाल में दाखिल होने के लिए बिल्सा की ओर बढ़ रहे हैं। चार लोग जीलोंग शहर में हैं, 13 ज़ुटुलपो में हैं, और वे सागा शहर के रास्ते पर हैं... स्थिति लगातार बदल रही है।
जयसवाल ने कहा कि हमने जो मदद दी है, उसके तहत काठमांडू के लिए मानवीय सहायता लेकर दो विमान भेजे गए हैं... हवाई मार्ग से भेजी गई इन दो खेपों में कुल मिलाकर आठ टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री शामिल है; भारत ने नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए कुल 47.5 टन आपातकालीन सामग्री भेजी है। काठमांडू से हमारा लगातार संपर्क बना हुआ है, इसलिए लोग उस रास्ते से आ सकते हैं; हमें वहाँ कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। असली चुनौती उन ऊपरी ज़िलों से लोगों को निकालना है जहाँ यह त्रासदी हुई है। अभी तक इसके लिए कोई कोड नाम नहीं दिया गया है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।