By अभिनय आकाश | Nov 29, 2022
चीन की विस्तारवादी नीति से तो हर देश भलि-भांति वाकिफ है। पड़ोसी देशों की जमीन को कब्जाने की उसकी नीति हमेशा से दुनिया के सामने आती रही है। बात चाहे बांग्लादेश की तीस्ता रिवर में जासूसी जहाज तैनात करने की हो या नेपाल के अहम सड़क परियोजनाएं। लेकिन नेपाल की सुप्रीम कोर्ट से चीन को करारा झटका लगा है और उसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। दरअसल, नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने चीन के सड़क परियोजना पर रोक लगा दी है। इस प्रोजेक्ट को नेपाल आर्मी की तरफ से चाइना फर्स्ट हाइवे इंजीनियर को दिया गया था।
चाइना फर्स्ट हाईवे इंजीनियरिंग उन पांच कंपनियों में से नहीं थी जो सितंबर में परियोजना के लिए बोली लगाने के लिए योग्य थी, और इसे सबसे कम बोली लगाने वाले घोषित किए जाने से एक दिन पहले 6 नवंबर को शामिल किया गया था। लोगों ने बताया कि इस दौरान परियोजना को संभालने वाले नेपाल सेना के अधिकारी को भी बदल दिया गया। चीनी पक्ष बांग्लादेश सरकार पर तीस्ता नदी की नौवहन क्षमता में सुधार करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना में भूमिका के लिए जोर दे रहा है। बांग्लादेश सरकार कुछ समय से इस परियोजना की योजना बना रही है, यहाँ तक कि वह सीमा पार नदी के पानी के बंटवारे पर भारत के साथ लंबे समय से लंबित समझौते के समापन की प्रतीक्षा कर रही है।