Parakram Diwas 2026: 'तुम मुझे खून दो', Netaji के इस नारे से कांपी थी British हुकूमत, जानें Parakram Diwas का महत्व

By अनन्या मिश्रा | Jan 23, 2026

हर साल 23 जनवरी को देश में पराक्रम दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के उस साहस की याद दिलाता है, जिसने गुमामी की जंजीरों को चुनौती दी थी। पराक्रम दिवस का दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की क्रांतिकारी सोच, अदम्य साहस और राष्ट्र के लिए सब न्योछावर करने की भावना को समर्पित है। पराक्रम दिवस सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि भारत की आत्मा में बसे निडर राष्ट्रवाद का उत्सव है। इसी दिन यानी की 21 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। नेताजी का संपूर्ण जीवन यह बताता है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो इतिहास को बदला जा सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पराक्रम दिवस का इतिहास और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।


कब और क्यों मनाया जाता है ये दिन

हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाया जाता है, क्योंकि साल 1897 में इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। वहीं साल 2021 में भारत सरकार ने ऑफिशियल रूप से इस दिन को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने यह साबित किया था कि आजादी सिर्फ अहिंसा का मार्ग नहीं बल्कि यह संगठन, साहस और त्याग का परिणाम भी हो सकती है।


इतिहास

बता दें कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चंद्र बोस सबसे तेजस्वी और साहसी नेताओं में एक थे। सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश सत्ता को खुली चुनौती दी और 'आजाद हिंद फौज' का गठन किया था। बोस ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का नारा दिया था। यह सिर्फ नारा या शब्द नहीं थे, बल्कि एक क्रांतिकारी संकल्प था। नेताजी का मानना था कि भारत की आजादी तभी संभव है, जब भारतीय खुद अपने भाग्य का निर्माण करें। सुभाष चंद्र बोस का जीवन त्याग, राष्ट्रप्रेम और अनुशासन का जीवंत उदाहरण है।


महत्व

पराक्रम दिवस का दिन राष्ट्र के लिए बलिदान की भावना को मजबूत करता है। यह दिन युवाओं को साहसी और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है और स्वतंत्रता संग्राम के अध्यायों को सामने लाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आजादी की कितनी बड़ी कीमत रही है।

प्रमुख खबरें

PM Modi की चुप्पी पर Rahul Gandhi का सवाल- US Tariff से जा रही Jobs पर आखिर सरकार चुप क्यों है?

अरबपति की मां Rani Kapoor का आरोप, धोखे से हड़पी संपत्ति! Delhi High Court पहुंचा Family Trust विवाद

Karnataka में Gig Workers की बड़ी जीत, High Court ने Bike Taxi से बैन हटाया, लाइसेंस अनिवार्य

T20 World Cup से पहले Pakistan का बड़ा दांव, Australia के खिलाफ Babar-Shaheen की वापसी