नक्शा बदलने वाला है...ट्रंप से मिलने पहुंच गए नेतन्याहू, अब मीडिल ईस्ट में क्या बड़ा होने वाला है?

By अभिनय आकाश | Feb 04, 2025

पश्चिमी देशों का नक्शा क्या होना चाहिए, कैसा होना चाहिए? इस बात की चर्चा इन दिनों तेज हो चली है। बेंजामिन नेतन्याहू तेल अवीव से वाशिंगटन के लिए रवाना होते हैं तो कुछ घंटों पहले एयरपोर्ट पर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से मिलूंगा और ये किसी भी विदेशी मेहमान के साथ ओवल ऑफिस पहुंचने के बाद पहली मुलाकात होगी। इसलिए ये मुलाकात अपने आप में खास हो जाती है। साथ ही जाते जाते नेतन्याहू ने कहा कि नक्शा बदलने पर भी उनसे बात होगी। कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना देना चाहिए, ग्रीनलैंड को खरीद लेना चाहिए, पनामा कनाल को अमेरिका को सौंप देना चाहिए। इस तरह के बयानों के जरिए नक्शा बदलने की बात तो ट्रंप करते ही रहे हैं। 

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इजराइल की ओर से किए गए जमीनी और हवाई हमलों में अब तक 47,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। संघर्ष-विराम समझौते के पहले चरण के तहत हमास को कुल 33 बंधकों को रिहा करना है, जिसके बदले में इजराइल लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा। समझौते के तहत इजराइली बल युद्धग्रस्त इलाके के ज्यादातर हिस्सों से पीछे हट गए हैं, जिससे हजारों विस्थापित फलस्तीनियों के लिए उत्तरी गाजा में अपने घरों की ओर लौटना संभव हो पाया है। अगर अमेरिका, कतर और मिस्र इजराइल और हमास के बीच समझौता कराने में नाकाम रहते हैं, तो मार्च की शुरुआत में युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा।

नेतन्याहू ने भी कहा है कि इजराइल अब भी हमास पर जीत और सात अक्टूबर 2023 के हमलों के दौरान अगवा किए गए सभी बंधकों की रिहाई के लिए प्रतिबद्ध है। इन हमलों के बाद गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्ध छिड़ गया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप का इजराइल-हमास युद्ध को लेकर क्या रुख है। वह इजराइल के कट्टर समर्थक रहे हैं, लेकिन उन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करवाने का भरोसा दिलाया है और इजराइल-हमास के बीच संघर्ष-विराम समझौता कराने में मदद का श्रेय भी लिया है।

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