By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 20, 2026
आज के समय में हर किसी को कॉफी पीना बेहद पसंद है। सुबह कॉफी के बिना नहीं होती है लेकिन आप जिस तरह से कॉफी पी रहे हैं, क्या वो सही तरीका है। एक हालिए स्टडी में पता चला है कि ज्यादातर लोग कॉफी पीने के सही तरीके को नहीं जानते हैं और इसे गलत तरीक से पीते हैं, तभी उनकी सेहत पर नुकसान पड़ता है। आइए जानते हेल्थ एक्सपर्ट से किस तरह से कॉफी पीना सही होता है?
कॉफी पीना का सही तरीका
दरअसल, Nutrition, Metabolism & Cardiovascular Diseases में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक सबसे बड़ा स्वास्थ्य कारक कॉफी नहीं, बल्कि उसमें मिलाई जाने वाली चीजें हैं, जो कि शरीर पर होने वाले इसके असर को प्रभावित कर सकती है। शोधकर्ताओं का यह कहना है कि कॉफी में ऐसे यौगिक होते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुणों सहित कई संभावित लाभों से जुड़े हैं। हालांकि, समस्या तब उत्पन्न होती है जब कॉफी को डिजर्ट यानी मिठाई में बदल दिया जाता है जैसे कि-
- चीनी वाली कॉफी
- फ्लेवर्ड सिरप वाली कॉफी
- व्हीप्ड क्रीम वाली कॉफी
- हैवी क्रीम वाली कॉफी
इस तरह की सभी कॉफी में कैलोरी अधिक हो जाता है और ये हाई शुगर वाले ड्रिंक में बदल जाते हैं, जिससे इसके अधिकांश लाभ खत्म हो जाते हैं।
सही समय पर पिएं कॉफी
इस शोध में बताया गया है कि कॉफी पीने का सही समय सेहत के लिए बेहद अहम होता है। बहुत सुबह या दिन के आखिरी हिस्से में कॉफी पीने से शरीर के प्राकृतिक हार्मोन चक्र और नींद की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसका परिणाम खराब नींद, मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी और शरीर में सूजन के रूप में सामने आ सकता है। शोध के अनुसार, ब्लैक कॉफी हल्की या दूध वाली कॉफी की तुलना में अधिक लाभकारी होती है। साथ ही, कॉफी का तापमान और उसे बनाने की विधि भी इसके स्वास्थ्य लाभों को प्रभावित करती है।
क्या है डॉक्टर की राय?
वैज्ञानिक रिसर्च से पता चला है कि कॉफी कितनी पी जा रही है, इसके साथ-साथ यह भी उतना ही जरुरी है कि उसे किस तरह और किस समय पिया जा रहा है। खासतौर पर कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन फायदे तब तक ही सीमित रहते हैं, जब तक कॉफी को उसके सिंपल फॉर्म में लिया जाए। जब आप ज्यादा चीनी, फ्लवर्ड सिरप, व्हीप्ड क्रीम या हैवी क्रीम मिलाई जाती है, यह एक साधारण कप कॉफी कब हाई-कौलोरी और हाई-शुगर ड्रिंक बन जाती है, फिर कॉफी पीने के सारे फायदे खत्म हो जाते हैं।
कम मात्रा में कॉफी पीना सही
रोजाना सिर्फ 2 से 3 कप ब्लैक या हल्की दूध वाली कॉफी पीना सेफ नहीं है। अक्सर होता है कि ज्यादा कॉफी पीने से बेचैनी, एसिडिटी, नींद की कमी और हार्ट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। वैसे कॉफी पीने का समय भी बेहद अहम है। चाहे कॉफी खुद कितनी ही हेल्दी क्यों न मानी जाए। इसलिए नियमित रुप से सिंपल और संतुलित कॉफी पीना और कभी-कभार फ्लेवर वाली कॉफी का आनंद लेना। तभी सेहत और स्वाद के बीच सबसे अच्छा संतुलन है। अगर आप कॉफी को सीमित मात्रा में पीते तो यह हेल्दी बन जाती है। कम मिलावट के साथ ही इसे समय पर पिया जाए।