उच्चतम न्यायालय में मामलों को सूचीबद्ध करने की नयी व्यवस्था जल्द: सीजेआई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 29, 2022

नयी दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) उदय उमेश ललित ने सोमवार को कहा कि मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए एक नया तंत्र जल्द ही विकसित किया जाएगा। न्यायमूर्ति ललित ने वकीलों से यह भी कहा कि वे अपने मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशनिंग (उल्लेख) करें, न कि सीजेआई के अदालत कक्ष में। सीजेआई ने कहा, ‘‘हमारे पास बृहस्पतिवार तक एक नया तंत्र होगा। तब तक, हम इसे चैंबर में देखेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो हम इसे सूचीबद्ध करेंगे। मामले की मेंशनिंग के लिए, हम रजिस्ट्रार के सामने उल्लेख करने की मूल प्रथा पर वापस जाएंगे।’’ प्रधान न्यायाधीश की यह टिप्पणी उस वक्त आई जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष मामलों का उल्लेख करने के तंत्र के बारे में जानना चाहा। 

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सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने जैसे ही आज की कार्यवाही शुरू की, मेहता ने न्यायमूर्ति ललित का स्वागत किया और उन्हें सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन मिलने का आश्वासन दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने भी पूरे बार की ओर से सीजेआई को शुभकामनाएं दीं। शीर्ष अदालत के समक्ष आज 60 जनहित याचिकाओं सहित 900 याचिकाएं सूचीबद्ध की गयी थीं, जिनमें विद्यालयों में हिजाब पहनकर आने की मनाही संबंधी कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील भी शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि महिलाओं का हिजाब पहनना इस्लाम में धार्मिक परम्परा का एक अनिवार्य हिस्सा नहीं है। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट के साथ पीठ की अध्यक्षता कर रहे सीजेआई ललित ने 62 याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें से 10 जनहित याचिकाएं थीं। न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश उदय उमेश ललित ने शनिवार को भारत के 49वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। 

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