By दिनेश शुक्ल | Jun 10, 2020
भोपाल। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रदेश में अपरिहार्य परिस्थितियों में विभागीय अनुज्ञप्त देशी/विदेशी मदिरा दुकानों के वैकल्पिक संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू की है। आबकारी राजस्व सुरक्षित रखने के लिए मदिरा दुकानों का संचालन तात्कालिक विकल्प के रूप में आंशिक अवधि के लिए यह व्यवस्था प्रभावशील होगी। मदिरा दुकानों की अनुज्ञप्तियों के निरस्त होने तथा उनकी वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए पुनर्निष्पादन के बीच लगने वाली समयावधि में राजस्व हित में इस व्यवस्था द्वारा मदिरा दुकानों का संचालन किया जा सकेगा। आबकारी आयुक्त ने वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जिला कलेक्ट्रर्स को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये परिपत्र भेजा है।
एकल समूह के निविदा आफर देने के पहले एक दिवस के आरक्षित मूल्य के समतुल्य राशि ऑनलाइन जमा कर कोषालयीन चालन अर्नेस्टमनी पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह राशि सुरक्षा निधि का भाग होगी। सफल आवेदक को अनुज्ञप्ति जारी होने के पहले सुरक्षा निधि में आरक्षित मूल्य के दो गुना राशि ऑनलाइन (चालन/ बैंक गारंटी के रूप में) जमा करना होगा। इस तरह सुरक्षा निधि आरक्षित मूल्य के तीन गुना के बराबर होगी। ठेका अवधि के अंत में सुरक्षा राशि समायोजन अथवा वापसी योग्य होगी। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर सुरक्षा निधि राजसात होगी। किसी भी मदिरा दुकान के लिए प्रचलित वर्ष के लिए प्राप्त वार्षिक मूल्य में 365 का भाग देने पर प्राप्त एक दिन के मूल्य को आरक्षित मूल्य मान्य होगा। इसके विरुद्ध प्राप्त तथा स्वीकृत निविदा दर/ऑफर को मदिरा दुकान के संचालन के लिए दैनिक प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि माना जाएगा।