मध्य प्रदेश राजस्थान के बाद कोरोना रिकवरी रेट में दूसरे नम्बर पर, प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़कर पहुँचा 68.6 प्रतिशत

corona recovery rate
दिनेश शुक्ल । Jun 10 2020 9:27PM

प्रदेश में 22 लैब कार्य कर रही हैं। कुल 1109 फीवर क्लीनिक से नागरिकों को सेवायें मिल रही हैं। टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की क्षमता लगातार बढ़ी है। प्रदेश में अब तक 10 हजार 49 प्रकरण में 2730 एक्टिव केस हैं। कुल 6892 रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो गये हैं। डबलिंग रेट 31 दिवस है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर समीक्षा के दौरान यह सामने आया है कि प्रदेश में कोरोना से स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत बढ़कर 68.6 हो गया है। जो शुभ संकेत है। देश में राजस्थान में ही मध्य प्रदेश से अधिक 74 प्रतिशत रिकवरी रेट है। जबकि पूरे देश की बात की जाए तो देश का औसत रिकवरी रेट 48.7 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में वायरस के नियंत्रण में निरंतर सफलता मिल रही है, लेकिन चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ और प्रशासनिक अमले को सक्रियता बनाये रखना है। विशेष रूप से उन जिलों में लगातार सतर्कता की आवश्यकता है, जहां अभी भी पॉजिटिव केस अधिक आ रहे हैं। आज जिन जिलों में नये पॉजिटिव केस आये हैं, उनके संबंध में मुख्यमंत्री चौहान ने पृथक से समीक्षा करते हुए रोगियों के समुचित उपचार और वायरस नियंत्रण के लिए सभी उपायों को अमल में लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस स्प्रेड न हो, इसके लिए सभी जिलों में आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिये हैं। 

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मुख्यमंत्री चौहान ने छिंदवाडा और देवास जिलों में वायरस नियंत्रण प्रयासों की अलग से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बैंक नोट प्रेस देवास के एक कर्मचारी की बुधवार को छिंदवाड़ा में मृत्यु के बाद एहतियातन छिंदवाड़ा जिले में 32 व्यक्तियों और देवास में 41 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं उन्हें आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गये है। यह व्यक्ति देवास से छिंदवाड़ा पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक पॉजिटिव केस और मृत्यु के केस के संदर्भ में इसी तरह से सजग, सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में मध्य प्रदेश में वायरस को नियंत्रित करने के बेहतर प्रयास हो रहे हैं और इसके परिणाम भी बेहतर मिल रहे हैं। इसके बावजूद निरंतर सावधानी की आवश्यकता है।  

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बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश में मंगलवार के दिन सर्वाधिक 7150 सेम्पल लिए गये। प्रदेश में 22 लैब कार्य कर रही हैं। कुल 1109 फीवर क्लीनिक से नागरिकों को सेवायें मिल रही हैं। टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की क्षमता लगातार बढ़ी है। प्रदेश में अब तक 10 हजार 49 प्रकरण में 2730 एक्टिव केस हैं। कुल 6892 रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो गये हैं। डबलिंग रेट 31 दिवस है। यह रेट देश में 14.17 दिवस है। प्रदेश के 51 जिलों में 10 जून तक 2 लाख 23 हजार 948 सेम्पल लिये गए हैं। अलीराजपुर, हरदा और होशंगाबाद में गत 21 दिवस में कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। सिवनी में पिछले 19, झाबुआ में पिछले 15 और सीहोर में पिछले 10 दिन में कोई पॉजिटिव केस नही आया।

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प्रदेश में 13 अप्रैल को मात्र 9 प्रतिशत रिकवरी रेट था, जो आज 70 प्रतिशत है। इसमें निरंतर सुधार हो रहा है। प्रदेश में अभी 1034 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। इनसे 8.94 लाख आबादी कवर हो रही है। कुल 1171 मोबाइल मेडिकल यूनिट कार्य कर रही हैं। जो रोगी भर्ती हैं उनमें भोपाल, इन्दौर और उज्जैन को छोड़कर शेष जिलों के अस्पतालों में बिस्तर क्षमता के मुकाबले आइसोलेशन में (संदिग्ध और पॉजिटिव रोगी) औसतन 21 प्रतिशत क्षमता का उपयोग करने की जरूरत पड़ रही है। भोपाल और उज्जैन जिलों में कुल बिस्तर क्षमता के मुकाबले क्रमश: 47 और 3 प्रतिशत का ही उपयोग हो रहा है। आई.सी.यू. व्यवस्था का भी भोपाल में 34 प्रतिशत और उज्जैन में सिर्फ 10 प्रतिशत उपयोग हो रहा है। इन्दौर में जनरल वार्ड की उपयोगिता का प्रतिशत 19 और आई.सी.यू. का 31 है। कोरोना संक्रमण की व्यवस्थाओं में पुलिस फोर्स के 9580 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं, इनमें 6381 आरक्षक, 1812 प्रधान आरक्षक, 711 ए.एस.आई., 422 सब इन्सपेक्टर, 164 इन्सपेक्टर, 70 डी.एस.पी. और 20 एडिशनल एस.पी. शामिल हैं।

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