न्यूज पोर्टल लीफलेट ने अदालत से कहा, नए आईटी नियम बोलने की आजादी पर ‘हमला’

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 08, 2021

मुंबई। डिजिटल न्यूज पोर्टल द लीफलेट ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय में कहा कि नया सूचना प्रद्यौगिकी (मध्यवर्ती दिशनिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम-2021 ‘‘ बोलने की आजादी के मूलभूत अधिकार पर हमला है।’’ पोर्टल ने पिछले सप्ताह याचिका दायर कर नए आईटी नियमों को चुनौती देते हुए दावा किया कि यह संविधान के अनुच्छेद-14 (समानता), 19ए (भाषण और अभिव्यक्ति की आजादी), 19 (1)(जी) (कोई भी पेशा करने, या नौकरी, व्यापार करने की आजादी) का उल्लंघन करता है।

इसे भी पढ़ें: यूरोपीय संघ ने जर्मनी के चार कार विनिर्माताओं पर एक अरब डॉलर का जुर्माना लगाया

इसलिए, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर सभी याचिकाओं को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया, ‘‘इस मामले पर नौ जुलाई को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है।’’ इसके बाद उच्च न्यायालय ने द लीफलेट की याचिका पर सुनवाई 16 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले ने भी नियमों के मनमाना और गैर कानूनी होने का दावा करते हुए जनहित याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर भी 16 जुलाई को सुनवाई होगी।

प्रमुख खबरें

Raymond Lifestyle और Honda Cars के वित्तीय परिणामों में मिले-जुले रुझान

Umesh Patel: सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में सांसद को दो साल की सजा

Commonwealth Games 2022: ग्लास्गो में जैसमीन और प्रीति समेत चार मुक्केबाजों ने जीते स्वर्ण

Ayodhya राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच अंतिम चरण में, ट्रस्ट सदस्य का बयान