By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 16, 2026
प्रत्येक वर्ष अक्तूबर का महीना ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रुप में जाना जाता है। इस बार इसकी थीम है 'Every Story is Unique, Every Journey Matters'। आजकल सबसे ज्यादा महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में कई महिलाएं आईटी कंपनियों, बीपीओ, अस्पतालों और दूसरी जगहों पर नाइट शिफ्ट में काम करती हैं। नाइट शिफ्ट में रात भर जागना होता है। इसलिए उनका रूटीन रातभर जागना और दिन में सोना बन ही जाता है।
रात में काम करने से ब्रेस्ट कैंसर का क्या है कनेक्शन?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एजेंसी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने साल 2019 में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला माना था, जिनको ग्रुप 2A में रखा गया था। असल में इस क्लासिफिकेशन में उन महिलीओं को रखा गया था, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित कुछ सबूत मिले थे। इसका मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर महिला को कैंसर होगा।
डॉक्टर ने नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं को क्या सलाह दी?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, भारत में बहुत-सी महिलाए नाइट शिफ्ट में काम करती है। लंबे समय तक नींद और जागने के बदलते रुटीन को जरुर गंभीरता से लेना चाहिए। रिसर्च में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध देखने को मिला है, हालांकि दोनों के बीच संबंध मिलने का मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने के कारण कैंसर हो सकता है।
क्या कहती है ब्रेस्ट कैंसर पर हुई रिसर्च?
बात करें साल 2022 में प्रकाशित एक रिसर्च की, तो 33 स्टडी सामने आई थीं, जिसमें करीब 43 लाख लोगों को शामिल किया गया था। इस स्टडी में पता चला था कि रात की शिफ्ट में कार्य करने से 20 परसेंट महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा देखने को मिला था। लेकिन हर रिसर्च में एक जैसे नतीजे देखने को मिले नहीं है। कुछ बड़ी स्टड़ी में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध न होने की बात कही गई है।
इतना ही नहीं, साल 2024 में प्रकाशित एक रिव्यू में भी इस टॉपिक पर हुई नए रिसर्च को स्टडी किया गया था। इसमें लंबे समय तक लगातार या बार-बार नाइट शिफ्ट करने और ब्रेस्ट कैंसर के संबंध होने के कुछ संकेत देखने को मिले थे।
लेकिन, इसको लेकर पुख्ता नतीजे तक पहुंचने के लिए अभी और रिसर्च की जरुरत है। सबसे जरुरी बात यह है कि रिसर्च में सामने आया 20% ही खतरा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर पांच में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर होगा।
नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखें?
- रोजाना जब भी आप सोएं तो एक समय पर ही नींद लें और ज्यादा से ज्यादा सोने की जरुरत है।
- दिन में सोते समय कमरे में पर्दे लगाएं, जिससे बाहर की रोशनी कमरे में न आएं।
- जब आप सोएं तो शोर कम करें, ताकि आपकी नींद बार-बार न टूटे।
- यदि आपको लंबे समय से नींद नहीं आ रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
- ध्यान रखें कि, जब भी आपको ब्रेस्ट में गांठ, स्किन में चेंज या निप्पल से डिस्चार्ज जैसी परेशानी दिखे, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।