Nike ने भारत में लॉन्च किया पहला खास Vegam Run जूता, कीमत 3795 रुपये तय

By Ankit Jaiswal | Oct 29, 2026

भारत में दौड़ने और फिटनेस को लेकर लोगों की बढ़ती दिलचस्पी अब बड़ी कंपनियों को भी आकर्षित कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी खेल उत्पाद कंपनी नाइकी ने भारतीय बाजार के लिए अपना पहला खास दौड़ने वाला जूता पेश किया है। वेगम रन नाम के इस जूते की कीमत 3,795 रुपये रखी गई है। कंपनी का मकसद कम कीमत में ऐसा उत्पाद उपलब्ध कराना है, जिसे ज्यादा से ज्यादा भारतीय ग्राहक खरीद सकें।

नाइकी इंडिया के जनरल मैनेजर तरुणदीप सिंह के मुताबिक, भारत में दौड़ने को लेकर उत्साह तेजी से बढ़ रहा है। युवाओं की नई पीढ़ी इसे केवल व्यायाम नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली और सामाजिक मेलजोल का हिस्सा बना रही है। मैराथन में भाग लेने वाले लोगों की संख्या, सुबह दौड़ने वाले समूहों और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ती दिलचस्पी ने कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार किए हैं।

कंपनी ने बताया कि इस जूते को तैयार करने की प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी की गई। शुरुआती डिजाइन संबंधी योजना से उत्पाद को अंतिम रूप देने में 55 दिन लगे, जबकि शुरुआती विचार से बाजार में पेश करने तक करीब 5 महीने का समय लगा। नाइकी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलियट हिल ने भी हाल ही में कर्मचारियों को लिखे पत्र में खेल को कंपनी के कामकाज के केंद्र में रखने की बात कही थी। भारतीय ग्राहकों के लिए खास उत्पाद तैयार करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बता दें कि भारत में खेल और दौड़ने वाले जूतों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। शोध संस्था इमार्क समूह के अनुमान के मुताबिक, देश का खेल जूता बाजार 2025 में 6.23 अरब डॉलर का था, जो 2026 में बढ़कर 6.64 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अनुमान है कि 2034 तक इसका आकार 9.92 अरब डॉलर हो जाएगा। 2025 में कुल बाजार में दौड़ने वाले जूतों की हिस्सेदारी 31.8% थी। इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं।

नाइकी की तरह जापान की खेल उत्पाद कंपनी एसिक्स भी भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। ब्लूमबर्ग की फरवरी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एसिक्स ने 2029 तक भारत में दौड़ने वाले जूतों की सबसे बड़ी विक्रेता कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक रजत खुराना ने देश में अगले 5 वर्षों तक सालाना 35% तक वृद्धि का लक्ष्य बताया था। उस समय एसिक्स महंगे दौड़ने वाले जूतों के बाजार में तीसरे स्थान पर थी। कंपनी ने 2025 में भारत में एक ही दुकान से होने वाली बिक्री में 15% वृद्धि भी दर्ज की थी।

एसिक्स भारत में उत्पादन बढ़ाने पर भी काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने करीब 30% जूते भारत में बनाती थी और अगले 3 वर्षों में भारतीय उत्पादन को अपनी कुल बिक्री के 40% तक ले जाने की योजना बना रही थी। दूसरी ओर, जर्मनी की कंपनी एडिडास भी भारत से जूतों की खरीद और उत्पादन बढ़ा रही है। जुलाई में उसने तमिलनाडु के करूर में एवरवान कोठारी जूता कारखाने की नींव रखी थी।

गौरतलब है कि इन कंपनियों की रणनीतियां अलग-अलग हैं। नाइकी भारतीय ग्राहकों के लिए खास और कम कीमत वाला उत्पाद पेश कर रही है, एसिक्स महंगे दौड़ने वाले जूतों के बाजार में आगे बढ़ना चाहती है और एडिडास भारत में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। बढ़ती फिटनेस संस्कृति और विशाल ग्राहक आधार के कारण भारत वैश्विक खेल उत्पाद कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन कंपनियों के बीच मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है।

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