नीतीश कुमार ने फिर की जाति आधारित जनगणना की मांग, कहा- यह सब के हित में है

By अंकित सिंह | Jul 24, 2021

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से जाति आधारित जनगणना की मांग कर दी है। नीतीश कुमार ने यह मांग ऐसे समय में की है जब केंद्र सरकार द्वारा जाति आधारित जनगणना को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक नीतीश कुमार ने कहा कि एक बार जाति आधारित जनगणना जरूर होनी चाहिए, ये सबके हित में है। इससे SC/ST के अलावा जो दूसरे गरीब तबके के लोग हैं, उनको भी लाभ मिलेगा। जाति-आधारित जनगणना के बारे में हम पहले ही फरवरी 2020 और 2021 में सदन में अपने विचार रख चुके हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने नीतिगत मामले के रूप में जनगणना में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं करने का फैसला किया है। लोकसभा में यह जानकारी दी गयी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार लोकसभा और विधानसभाओं में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र और ओडिशा की सरकारों ने आगामी जनगणना में जातीय विवरण एकत्रित करने का अनुरोध किया है। भारत सरकार ने नीतिगत मामले के रूप में फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं होगी।

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