PM मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से 100 किलोमीटर दूर, UP की इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं नीतीश कुमार, कभी नेहरू ने लगाई थी जीत की हैट्रिक

By अभिनय आकाश | Sep 17, 2022

नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के साथ ही इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वो क्या अपनी गृह नगर नालंदा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे या फिर किसी और सीट से ताल ठोक सकते हैं। ऐसे में चर्चा ये भी चल पड़ी कि क्या नीतीश कुमार राजनीति की प्रयोगशाला कहे जाने वाली उत्तर प्रदेश की किसी सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं। बीते दिनों नीतीश कुमार की अखिलेश यादव से मुलाकात भी हुई थी। जिसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार की निगाहें बिहार, यूपी और झारखंड पर पहले टिकी हुई है। जिसके बाद मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि नीतीश प्रयागराज की फूलपूर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 

जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि अभी लोकसभा चुनाव का ऐलान नहीं हुआ है। इसमें अभी 20 महीने का वक्त शेष है। इसलिए अभी इस पर चर्चा करना व्यर्थ है। जब लोकसभा चुनाव का ऐलान होगा उसके बाद नीतीश कुमार ये निर्णय लेंगे कि उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ना है या नहीं? अगर लड़ना है तो किस सीट से लड़ना है। फूलपूर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्र बिहार से लगते हैं। ललन सिंह ने कहा कि यूपी के लोग भी बिहार में नीतीश कुमार के 17 सालों के कार्यों को महसूस किया है। उत्तर प्रदेश में भी वो उतने ही लोकप्रिय हैं। ललन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद के कई लोगों  ने कहा कि आप मिर्जापुर से चुनाव लड़िए। कुछ लोगों ने कहा कि आप आंबेडकर नगर से चुनाव लड़िए। कार्यकर्ताओं और लोगों की भावना का हम सम्मान करते हैं। 

यूपी+बिहार, अखिलेश और नीतीश कुमार

एक पोस्टर भी बीते दिनों समाजवादी पार्टी की तरफ से जारी किया गया था जिसमें कहा गया था कि यूपी+बिहार, अखिलेश और नीतीश कुमार। समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर में नीतीश और अखिलेश की तस्वीर लगी दिखाई दी थी और उसके ऊपर लिखा था- यूपी+बिहार= गयी मोदी सरकार। इस पोस्टर से साफ जाहिर हो रहा है कि समाजवादी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के खिलाफ चुनावी बिगुल फूंक दिया है। 

इसे भी पढ़ें: नीतीश के बयान पर भाजपा का पलटवार, तारकिशोर प्रसाद बोले- दिन में सपने देख रहे बिहार के CM

फूलपुर सीट की अहमियत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। उन्हें ये भली-भांति ज्ञात है कि यूपी में पैर जमाए बिना बिहार की 40 सीटों के सहारे दिल्ली की सत्ता तक पहुंच संभन नहीं है। प्रयागराज का फूलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से केवल 100 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर नीतीश इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो 2024 में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिदृश्य में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है। फूलपुर में जातीय समीकरण काफी दिलचस्प है। इस संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा पटेल मतदाता हैं, जिनकी संख्या करीब तीन लाख है। मुस्लिम ढाई लाख, यादव और कायस्थ मतदाताओं की संख्या भी दो लाख के आसपास है। लगभग डेढ़ लाख ब्राह्मण और एक लाख से अधिक अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। फूलपुर की सोरांव, फाफामऊ, फूलपुर और शहर पश्चिमी विधानसभा सीट ओबीसी बाहुल्य हैं। इनमें कुर्मी, कुशवाहा और यादव वोटर सबसे अधिक हैं। फूलपुर से ही फूलपुर ही वो सीट था जहां सपा-बसपा ने मिलकर 2018 के उपचुनाव में बीजेपी को मात दी थी। 

प्रमुख खबरें

Maharashtra FDA ने कहा- खुले खाद्य तेल पर रोक नया फैसला नहीं, 2011 से है नियम

Donald Trump का बड़ा दावा: Iran में Humanitarian Crisis, सेना को वेतन देने के भी पैसे नहीं

NBFC Revolving Credit पर रोक से MSME को नुकसान होगा, FISME ने RBI से की अपील

1984 Riots Justice: PM Modi ने दिलाया न्याय, HS Phoolka का वार- Congress ने Sajjan Kumar को सालों तक दिया संरक्षण