जाति आधारित जनगणना की मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे नीतीश कुमार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 02, 2021

पटना।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि वह जाति आधारित जनगणना की मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे और इस मुद्दे पर असहमति की स्थिति में उनकी सरकार एक राज्य-विशिष्ट जनगणना के लिए विकल्प खुला रखेगी। कुमार की पार्टी जद (यू) केंद्र और राज्य में भाजपा की सहयोगी है। उन्होंने दोहराया कि बिहार में भावना सर्वसम्मति से जाति-आधारित जनगणना के पक्ष में है, जो समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करेगी और अधिक प्रभावी शासन की सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने अपने साप्ताहिक जन संपर्क कार्यक्रम-‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ के मौके पर संवाददाताओं से कहा, मैंने आज इस मुद्दे पर (प्रधानमंत्री को) पत्र लिखने की अपनी योजना के बारे में अधिकांश राजनीतिक दलों को सूचित कर दिया है।

इसे भी पढ़ें: बंगाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते दो लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

शासन में भी सुधार होगा क्योंकि विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की बेहतरी के उद्देश्य से लक्षित योजनाएं अधिक प्रभावी हो जाएंगी। गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने जब संसद को सूचित किया कि इस तरह की कवायद केवल अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रस्तावित की जा रही है, तब से बिहार में जाति-आधारित जनगणना के लिए मांगें काफी उठ रही हैं। द्विसदनीय बिहार विधानमंडल ने सर्वसम्मति से 2019 के साथ-साथ 2020 में भी जाति-आधारित जनगणना के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया था। जद (यू) के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने दिन में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और जाति-आधारित जनगणना के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख खबरें

Russian Army में शामिल Surat के रमणीक सखवाला 4 महीने से लापता, परिवार परेशान

Cabinet ने Fast Track Special Courts योजना 5 साल बढ़ाई, PM Modi बोले- त्वरित न्याय मिलेगा

UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi

ओडिशा के Koraput में दिखा Royal Bengal Tiger, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट