Prabhasakshi NewsRoom: अनुच्छेद 370 को अब कोई ताकत वापस नहीं ला सकतीः गुलाम नबी आजाद

By नीरज कुमार दुबे | Sep 12, 2022

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दल जनता से बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। खासकर गुपकार गठबंधन में शामिल दलों की बात करें तो उनका पहला वादा ही यही है कि वह अनुच्छेद 370 की फिर से बहाली करवाएंगे लेकिन इस सबके बीच कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले दलों की जमकर खिंचाई की और कहा कि वह लोगों को गुमराह नहीं करेंगे। पिछले महीने कांग्रेस छोड़ने के बाद कश्मीर घाटी में अपनी पहली रैली में उन्होंने कहा कि केवल संसद में दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार ही जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति की बहाली सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने कहा कि ‘‘आजाद जानता है कि क्या किया जा सकता है और क्या नहीं।'' आजाद ने कहा कि मैं या कांग्रेस पार्टी या तीन क्षेत्रीय दल आपको अनुच्छेद 370 वापस नहीं दे सकते, न ही ममता बनर्जी, या द्रमुक या शरद पवार अनुच्छेद 370 वापस दे सकते हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी की हर राज्य में हार के साथ राज्यसभा में उसकी ताकत कम हो रही है ...मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 350 से ज्यादा सीट मिल सकती हैं।’’ आजाद ने कहा, ‘‘मैं यह कहां से हासिल कर सकता हूं? लोगों को गुमराह क्यों करूं।’’ पिछले महीने कांग्रेस से अपना पांच दशक पुराना नाता खत्म करने वाले आजाद ने कहा कि वह 10 दिन के भीतर अपनी नयी राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा करेंगे, जिसकी विचारधारा ‘‘आजाद’’ होगी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता रह चुके आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कराने, अपने लोगों को नौकरियों और जमीन पर विशेष अधिकार देने तथा विकास लाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी के इस आरोप का जिक्र करते हुए कि आजाद ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के पक्ष में मतदान किया था, उन्होंने कहा कि बुखारी को पहले यह समझना चाहिए कि संसद कैसे काम करती है। आजाद ने कहा, ‘‘मैंने गृह मंत्रालय द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए लाए गए विधेयक के खिलाफ मतदान किया था।’’ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों से चांद-तारे का वादा नहीं करेंगे, बल्कि राज्य का दर्जा बहाल करने जैसी चीजों का ही वादा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य का दर्जा इसलिए हासिल किया जा सकता है क्योंकि किसी संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं है... हमें इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत नहीं है। हमारी जमीन सिर्फ हमारी होनी चाहिए और कोई भी बाहरी व्यक्ति उस पर स्वामित्व रखने में सक्षम नहीं होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जमीन की तरह हमारी नौकरियां भी केवल हमारी होनी चाहिए। इन दो मुद्दों के लिए संसद की जरूरत नहीं है। इसलिए मैं केवल उन चीजों के बारे में बात करता हूं, जिन्हें हासिल किया जा सकता है।''

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