By अभिनय आकाश | Jun 29, 2026
नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन लगातार ताकत बढ़ाने में जुटा है। किम जोंग ने उन्नत बैलेस्टिक मिसाइल और लंबी दूरी की तोपों के परीक्षण का निरीक्षण किया। नॉर्थ कोरिया की सेना को और आक्रामक बनाने का निर्देश दिया। किम के फैसले से साउथ कोरिया और अमेरिका परेशान है। मिसाइलों की मजबूती को किम ज्यादा तरजीह दे रहा है। अभी दो दिन पहले नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जो मिसाइल साइट पर पहुंचा था। उसने मिसाइल टेस्ट को तेज करने को कहा है। रिपोर्ट आ रही है कि किम ने मिसाइलों का साइट पर जाकर जो लेखा जोखा देखा उसको लेकर उसका मकसद एडवांस्ड मल्टी रॉकेट लॉन्च्ड सिस्टम वाली टेक्निकल बैलेस्टिक मिसाइल के लिए विशेष मिशन वाले हथियारों के क्षमता का मूल्यांकन करना था। जिनमें होवेजर तोप की लॉन्ग रेंज फायरिंग के साथ गोलाबारी की सटीकता हासिल करना था।
किम जोंग का कहना है कि जल्द ही बेहद ताकतवर डिस्ट्रयर कांगकोन को तैनात किया जाएगा। इसके बाद 10,000 टन के रणनीतिक युद्धपोत लांच किए जाएंगे। मार्च 2026 में इस जहाज से परमाणु क्षमता वाले क्रूज मिसाइलों का परीक्षण भी किया गया था। किम ने दावा किया कि नए हथियारों से उत्तर कोरिया के समुद्री संप्रभुता नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी है। गौर करने की बात यह है कि उत्तर कोरिया लगातार अपनी परमाणु ताकत में इजाफा कर रहा है। आखिर परमाणु हथियारों पर उत्तर कोरिया का फोकस क्यों है? उत्तर कोरिया ने दर्जनों परमाणु हथियार और उसे दागने वाली मिसाइलें विकसित की हैं। उत्तर कोरिया का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के खतरे से निपटने के लिए है। उत्तर कोरिया खुद को एक आधिकारिक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र घोषित कर चुका है और उसने अपने संविधान में भी इसका जिक्र किया है।